नई दिल्ली. बरकतों से भरा इस्लाम धर्म का पवित्र महीना रमजान इस साल अप्रैल महीने की 24 तारीख से शुरू होगा. रमजान का चांद देखने के बाद मुस्लिम लोग रोजा रखने की शुरुआत करेंगे. रमजान के पूरे महीने रोजे (व्रत) रखकर खुदा की इबादत की जाती है. रमजान में करीब 1 महीने तक हर दिन सूरज उगने से पहले उठकर सहरी खा कर रोजा जाता है जिसे शाम में इफ्तारी के बाद खोला जाता है.

रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों में तराबी (नमाज) की शुरूआत हो जाती है. तराबी की नमाज में मस्जिद के मौलाना कुराने ए पाक को मौखिक तौर पर सुनाते हुए नमाज पढ़ाते हैं.

इस्लाम धर्म में रमजान के महीने को तीन हिस्सों में बांटा गया है. हर एक हिस्से में करीब 10 रोजे तक होते हैं. शुरुआती 10 दिनों को लेकर कहा जाता है कि इन दिनों में अल्लाह की भरपूर रहमत लोगों पर बरसती है. आगे के 10 रोजे मगफिरत के कहे जाते हैं. इन 10 दिनों में मुस्लिम समुदाय के लोगों खुदा से माफी मांगते हैं और आखिरत में जन्नत देने की दुआ मांगते हैं. वहीं रमजान के आखिरी हिस्से में जहन्नुम (नर्क) की आग से बचने की दुआ की जाती है.

रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के लोगों को गलत कामों से हटकर सिर्फ अल्लाह की इबादत करने की हिदायत दी जाती है. जब पवित्र रमजान महीना पूरा हो जाता है तो उसके अगले दिन ईद उल फितर का त्योहार पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाता है.

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