रोहतक. 16 साल पुराने पत्रकार हत्याकांड मामले में राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है. राम रहीम 16 साल पहले 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दोषी करार दिया गया है. दरअसल रामचंद्र छत्रपति ने अपने समाचार पत्र में गुरमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में होते यौन शोषण का खुलासा किया था. इसके बाद साजिश के तहत पत्रकार की हत्या कर दी गई. इस मामले ने सीबीआई ने गुरमीत राम रहीम को फांसी देने की मांग की है.

गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम पहले ही साध्वी यौन शोषण मामले में जेल में सजा काट रहा है. 20 साल के लिए जेल में कैद राम रहीम की सजा की अवधि और बढ़ गई है. कोर्ट ने सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाई है. दरअसल सीबीआई अदालत को हरियाणा सरकार ने अर्जी दी थी कि सजा का ऐलान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग काे जरिए हो क्योंकि 25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम सजा सुनाए जाने के बाद पंचकूला पंजाब और दिल्ली समेत कई इलाकों हिंसा भड़क गई थी.

पत्रकार हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम और कृष्ण लाल आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश रचने) और 302 के तहत दोषी पाए गए. वहीं कुलदीप सिंह और निर्मल सिंह को आईपीसी की धारा 302 (हत्या की सजा) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी पाए गए. इसके अलावा निर्मल सिंह आर्म्स एक्ट 1959 के सेक्शन 25 और कृष्ण लाल आर्म्स एक्ट 1959 के सेक्शन 29 के तहत भी दोषी करार दिए गए.

यहां पढ़ें Ram Rahim Punishment Live Updates:

Highlights

राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद की सजा

Ram Rahim Punishment Live Updates: साल 2002 में हुए पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में राम रहीम को दोषी करार होने के बाद सीबीआई कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है.हालांकि सीबीआई ने राम रहीम के इस जुर्म के लिए कोर्ट से फांसी की मांग की थी.

सीबीआई कोर्ट ने फैसला पढ़ना शुरू किया

इस बीच सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम के खिलाफ फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है. वहीं डेरा प्रमुख के प्रभाव वाले इलाके में सिरसा और फतेहाबाद में धारा 144 लागू हैं. इन इलाकों में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं.

सिरसा समेत हरियाणा के कई इलाकों में कड़ा पहरा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पत्रकार राम चंदर छत्रपति की हत्या मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट से कुछ ही पलों में सजा के ऐलान से पहले सिरसा समेत हरियाणा के कई इलाकों में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस का कई इलाकों में सख्त पहरा है और लोगों को उत्पात नहीं मचाने की सख्त हिदायत दी गई है.

कोर्ट के बाहर पुलिस का सख्त पहरा, जल्द सजा का ऐलान

गुरमीत राह रहीम की सजा का ऐलान जल्द होने वाला है. इसके लिए पंचकूला कोर्ट के बाहर सख्त पहरा है और पुलिस ने पूरे इलाके को छाबनी में बदल दिया है. कोर्ट के फैसले के बाद किसी तरह की हिंसा न हो, इसके लिए सभी सुरक्षा उपाय किए गए हैं. मालूम हो कि अगस्त 2017 में राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद पनपी हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई थी.

थोड़ी देर में सुनाया जाएगा फैसला

पंचकूला कोर्ट में आज राम रहीम को सजा सुनाई जाएगा. थोड़ी देर में कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी. राम रहीम को 16 साल पहले हुई पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी पाया गया है. राम रहीम के साथ 3 और लोगों के खिलाफ आज कोर्ट फैसला सुनाएगी.

पंचकूला कोर्ट में कार्यवाही जारी

आज पंचकूला कोर्ट पत्रकार हत्याकांड में चार दोषियों को सजा सुनाएगा. इस मामले में कोर्ट में कार्यवाही जारी है. थोड़ी देर में जज जगदीप सिंह इस मामले में फैसला सुनाएंगे. 16 साल बाद इस केस के दोषियों को सजा सुनाई जा रही है. राम रहीम को इस मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा सुनाई जाएगी.

राम रहीम समेत चार को आज होगी सजा

पत्रकार हत्याकांड में राम रहीम समेत चार लोगों को दोषी पाया गया. आज सीबीआई कोर्ट चारों को इस मामले में सजा सुनाएगी. दोषी राम रहीम और कृष्ण लाल पर आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश रचने) और 302 के तहत मुकदमा चला. दोषी कुलदीप सिंह और निर्मल सिंह पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या की सजा) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा चला. साथ ही निर्मल सिंह को आर्म्स एक्ट 1959 के सेक्शन 25 और कृष्ण लाल को आर्म्स एक्ट 1959 के सेक्शन 29 के तहत भी सजा होगी.

पत्रकार के बेटे ने करवाया था केस दर्ज

आज सीबीआई कोर्ट पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में राम रहीम को सजा सुनाएगी. इस मामले में पत्रकार के चश्मदीद उनके बेटे अंशुल और अदिरमन हैं जिन्होंने राम रहीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. ये मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंपा गया जिसमें साल 2007 में चार्जशीट दाखिल की गई थी.

छावनी में तबदील सिरसा

राम रहीम को फैसला सुनाए जाने से पहले सिरसा को छावनी में तबदील कर दिया गया है. पिछली बार राम रहीम को सुनाई गई सजा के बाद पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में हिंसा हुई. इससे निपटने के लिए इस बार सभी इलाकों में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.

जज जगदीप सिंह सुनाएंगे फैसला

जज जगदीप सिंह आज राम रहीम को सजा का फैसला सुनाएंगे. उन्होंने ही साध्वी रेप केस में राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई थी. उन्होंने 2012 में हरियाणा ज्यूडिशियल सर्विस ज्वॉइन की थी जिसके बाद उनकी पहली पोस्टिंग सोनीपत में रही. इसके बाद उनकी दूसरी पोस्टिंग सीबीआई कोर्ट में दी गई. पिछले साल ही उन्हें ये पोस्टिंग दी गई.

जल्द सुनाया जाएगा फैसला

आज सीबीआई कोर्ट राम रहीम को पत्रकार हत्याकांड मामले में सजा सुनाएगी. ये सजा जल्द ही सुनाई जाएगी. इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राम रहीम को सजा सुनाई जाएगी. राम रहीम अभी यौन शोषण मामले में सुनारिया जेल में 20 साल कैद की सजा काट रहा है.

16 साल बाद मिलेगा इंसाफ

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे का कहना है कि उसके पिता की हत्या का इंसाफ 16 साल बाद होने जा रहा है. 16 साल पहले 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को घर के बाहर गोलियों से भून डाला गया था. आज सीबीआई कोर्ट इस हत्याकांड पर अपना फैसला सुनाएगी और दोषी राम रहीम को इस मामले में सजा सुनाएगी.

बढ़ेगी राम रहीम की सजा

राम रहीम पहले ही 20 साल की सजा काट रहा है. उसे साध्वी यौन शोषण मामले में जेल की सजा सुनाई गई थी. अब पत्रकार हत्या मामले में आज सजा सुनाई जाने के बाद उसकी 20 साल की सजा में और कुछ साल जुड़ सकते हैं.

कब हुआ मामला दर्ज

बता दें कि पत्रकार की हत्या 2002 में हुई थी. पत्रकार द्वारा छापी गई चिट्ठी पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 2002 में संज्ञान ले लिया था जिसके बाद दिसंबर 2002 में सीबीआई की चंडीगढ़ यूनिट ने धारा 376, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज किया था और इस मामले की जांच भी शुरू कर दी थी. उस समय राम रहीम को जेल भी हुई थी.

पत्रकार की हत्या

बता दें कि 24 अक्टूबर 2002 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के घर के बाहर ही कुछ अज्ञात लोगों ने उनपर हमला कर दिया. घर के बाहर ही गोलियों से भून कर उनकी हत्या कर दी गई. उनकी हत्या के गवाह उनका बेटा अंशुल रहा. अंशुल अपने पिता की हत्या के बाद न्याय के लिए 16 साल से भटकता रहा है.

कैसे हुआ राम रहीम के कामों का खुलासा?

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने सिरसा में दो साध्वियों के साथ हुए रेप की अपने अखबार 'पूरा सच' में छापी थी. इस रेप की घटना का खुलासा एक गुमनाम चिट्ठी से हुआ जो बाद में छत्रपति ने अपने अखबार में प्रकाशित की थी. ये चिट्ठी तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी, चीफ जस्टिस पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, समेत कई संस्थानों को भेजी गई थी. चिट्ठी तीन पेज की थी. अखबार में छपने के कुछ दिन बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने चिट्ठी का संज्ञान लेते हुए सिरसा के डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज को इसकी जांच कराने का आदेश दिया. जज ने यह जांच सीबीआई को सौंपी.

पंजाब में कड़ी सुरक्षा

पिछली बार राम रहीम को सजा सुनाई गई तो उसके सेवकों ने पंजाब और दिल्ली में आगजनी और हिंसा की. इसी को देखते हुए पुलिस ने पंजाब और हरियाणा में इस बार सुरक्षा कड़ी कर दी है. सुरक्षा उन सभी इलाकों में कड़ी की गई जहां डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव है.सिरसा में पुलिस ने बुधवार को फ्लैग मार्च निकाला. वहां दो महिला पुलिसबल की कंपनी समेत कुल 12 कंपनियां बाहर से मंगवाई गई हैं. साथ ही सीआरपीएफ की 2 टुकड़ियां को भी अलर्ट पर रखा गया है.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा

सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाई जाएगी. दरअसल सीबीआई अदालत को हरियाणा सरकार ने अर्जी दी थी कि सजा का ऐलान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग काे जरिए हो क्योंकि 25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम सजा सुनाए जाने के बाद पंचकूला पंजाब और दिल्ली समेत कई इलाकों हिंसा भड़क गई थी. इसी को रोकने के लिए इस बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सजा सुनाएंगे.

राम रहीम समेत और भी हैं दोषी

पत्रकार हत्याकांड में राम रहीम समेत कई लोग और भी दोषी पाए गए. इस मामले में राम रहीम और कृष्ण लाल आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश रचने) और 302 के तहत दोषी पाए गए. वहीं कुलदीप सिंह और निर्मल सिंह को आईपीसी की धारा 302 (हत्या की सजा) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी पाए गए. इसके अलावा निर्मल सिंह आर्म्स एक्ट 1959 के सेक्शन 25 और कृष्ण लाल आर्म्स एक्ट 1959 के सेक्शन 29 के तहत भी दोषी करार दिए गए.

क्या है मामला?

राम रहीम 16 साल पहले 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दोषी करार दिया गया है. पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने अपने समाचार पत्र में गुरमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में होते यौन शोषण का खुलासा किया था. इसके बाद साजिश के तहत पत्रकार की हत्या कर दी गई.

सीबीआई कोर्ट का फैसला आज

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में आज राम रहीम को सीबीआई अदालत सजा सुनाएगी. ये फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाया जाएगा. राम रहीम सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है जहां ये फैसला सुनाया जाएगा. जज फैसला पढ़ने के लिए कोर्ट पहुंच गए हैं.

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