नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर का शिलान्यास करेंगे. इस एतिहासिक पल के लिए प्रशासन दिन रात तैयारियां कर रहा है. खुद सीएम योगी आदित्यनाथ राम मंदिर के भूमि पूजन की तैयारियों का जायजा लेने एक हफ्ते में दो बार अयोध्या पहुंचे हैं और बारीकी से हर चीज की व्यवस्था देख रहे हैं.

राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन के लिए देश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों, राष्ट्रीय महत्व के स्थानों और पवित्र नदियों से पावन मिट्टी और जल भव्य मंदिर के निर्माण हेतु अयोध्या में पहुंच रहा है. जानकारी के मुताबिक श्री बद्रीनाथ धाम, छत्रपति शिवाजी महाराज के किला रायगढ़, श्री रंगनाथस्वामी मन्दिर, तमिलनाडु, श्री महाकालेश्वर मंदिर, हुतात्मा चन्द्रशेखर आज़ाद व बलिदानी बिरसा मुंडा की जन्मभूमि सहित सभी तीर्थों और बलिदानी वीरों के प्रेरणा स्थलों से मिट्टी, जल और अन्य वस्तुएं अयोध्या पहुंची चुकी है.

जानकारी के मुताबिक बाबा विश्वनाथ को अर्पित शेषनाग पर भव्य श्रीराम मंदिर की नींव तैयार होगी. इस बाबत काशी विश्वनाथ मंदिर में रजत शेषनाग का पूजन हुआ. बाबा विश्वनाथ को चांदी का कछुआ, रामनाम अंकित चांदी के पांच बेलपत्र, सवा पाव चंदन और पंचरत्न भी अर्पित किए गए. ये पांचों सामग्रियां पांच अगस्त को अयोध्या में भूमिपूजन के दौरान मंदिर की नींव में डाली जाएंगी.

सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार शेषनाग पाताल लोक के स्वामी हैं इसलिए श्रीराम मंदिर की नींव में उनकी उपस्थिति से मंदिर की दिव्यता और भव्यता चिरकाल तक बनी रहेगी. बताया जा रहा है कि काशी के तीन वैदिक विद्वान बाबा को अर्पित पंच सामग्री लेकर तीन अगस्त को अयोध्या रवाना होंगे. इनमें बीएचयू के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पांडेय, वर्तमान अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पांडेय एवं डॉ. रामनारायण द्विवेदी शामिल हैं.

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