नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई घूसकांड में फंसे केंद्रीय जांच ब्यूरो के स्पेशल निदेशक राकेश अस्थाना को बड़ी राहत दी है और फिलहाल उनके अरेस्ट पर रोक लगा दी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई तक राकेश अस्थाना की गिरफ्तारी नहीं होगी. केस में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी. सीबीआई ने अपने ही विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया है जिसे रद्द करने की मांग को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था. राकेश अस्थाना ने खुद पर लगे 2 करोड़ घूस के आरोप पर पलटवार में कहा था कि 2 करोड़ घूस उन्होंने नहीं बल्कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा ने लिया है. वहीं इस बीच सीबीआई ने राकेश अस्थाना के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फिरौती के आरोप में आईपीसी की धारा 384, 388, 389 और 468 के तहत मामला दर्ज किया है.  

सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है. अब ये झगड़ा खुलकर बाहर आ गया है और मोइन कुरैशी केस में 2 करोड़ की घूस लेने के आरोप में अस्थाना पर केस दर्ज हो गया है. इस मामले में सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई के नंबर वन और दो अधिकारी के खुले झगड़े और केस-मुकदमा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों को तलब किया था. मोदी के हस्तक्षेप के बाद दोनों का झगड़े सुलझेगा या नहीं, ये साफ नहीं है.

सोशल मीडिया बोला: जब सीबीआई के बड़े अधिकारी ही घूस खा रहे तो वो घोटालों और भ्रष्टाचार की क्या निष्पक्ष जांच करेंगे

सोशल मीडिया पर सीबीआई में खुले झगड़े और अधिकारियों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लेकर लोग गहरी चिंता जाहिर कर रहे हैं. सरकार समर्थक लोग इसे पिछली सरकार यानी कांग्रेस की विरासत बता रहे हैं तो सरकार विरोधी कह रहे हैं कि पांच साल से मोदी सरकार चला रहे हैं. सरकार विरोधी कह रहे हैं कि ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा बोलने वाले पीएम मोदी ने जिस अस्थाना को सीबीआई में लाया था वही चोर और घूसखोर निकला.

CBI Special Director Rakesh Asthana Accused in bribery Case: सीबीआई के नंबर 2 राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने का आरोप, एफआईआर दर्ज

लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सीबीआई चीफ और डिप्टी चीफ एक-दूसरे पर पैसा लेकर केस कमजोर करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा हो तो सीबीआई देश का भ्रष्टाचार क्या रोकेगी. घोटालों और भ्रष्टाचार के ज्यादातर बड़े मामलों की जांच सीबीआई ही करती है और जब सीबीआई के बड़े-बड़े अधिकारी खुद ही भ्रष्ट हैं तो वो भ्रष्टाचार और घोटाले की क्या निष्पक्ष जांच करेंगे. जिस तरह के आरोप लग रहे हैं वैसे में तो सीबीआई को लेकर ये धारणा मजबूत होगी कि पैसा खिलाने का दम हो तो घोटाले का आरोपी भी राजा हरिश्चंद्र साबित हो जाएगा और घूस देने की औकात ना हो तो हरिश्चंद्र भी डकैत बना दिया जाएगा.

बेशक कोर्ट से गिरफ्तारी को लेकर राकेश अस्थाना को राहत मिली हो, लेकिन सीबीआई की ओर से राकेश अस्थाना एक और बड़ा झटका लगा है. दरअसल सीबीआई ने राकेश अस्थाना के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फिरौती के आरोप में आईपीसी की धारा 384, 388, 389 और 468 के तहत नया केस दर्ज किया हैं. बड़ी बात है कि इस केस को दर्ज करने के लिए सीबीआई को सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं है. बता दें कि इससे पहले हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा था कि अस्थाना के खिलाफ उन्हें कुछ नए सबूत मिले हैं जिसके आधार पर आईपीसी की नई धाराएं अस्थाना पर लगाई जाएंगी.

बीच में खबरें आईं थी कि सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को निलंबित कर सकते हैं. हाल ही में आलोक वर्मा ने सरकार को एक खत लिखा भेजा था जिसमें राकेश अस्थाना को ‘नैतिक पतन का एक स्रोत’ बताकर निलंबित किए जाने की बात कही गई. दोनों के बीच बढ़ती रार को देखकर पीएमओ ने दोनों को बुलाया था.

CBI Special Director Rakesh Asthana Bribery Case: रिश्वत का केस दर्ज होने पर बोले सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना- सेटलमेंट के लिए चीफ आलोक वर्मा ने लिए थे 2 करोड़ रुपये

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए राकेश अस्थाना को उनका चहेता अधिकारी करार दिया है. राहुल गांधी ने ट्वीट में कहा है- प्रधानमंत्री मोदी के चहेते अधिकारी और गुजरात कैडर के आईपीएस अफ़सर जिन्होंने गोधरा मामले की जांच भी की थी, राकेश अस्थाना को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है.

CBI Special Director Rakesh Asthana Bribery Case: राकेश अस्थाना का डायरेक्टर आलोक वर्मा पर दर्जनों आरोप

गौरतलब है कि सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर 2 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं. जिसके चलते सीबीआई उन पर एफआईआर दर्ज की है. सीबीआई ने एफआईआर से पहले 9 फोन कॉल रिकॉर्ड किए थे. सीबीआई का दावा है कि बिचौलिए मनोज प्रसाद के हिरासत में लेने के बाद उनके भाई ने कई बार फोन किया.

दरअसल मीट और हवाला कारोबारी मोइन क़ुरैशी से जुड़े एक मामले को सुलझाने के लिए बनाई गई एसआईटी की अध्यक्षता राकेश अस्थाना कर रहे थे. ऐसे में कारोबारी सतीश सना ने आरोप लगाया है कि जांच से बचाने के लिए उन्होंने दिसंबर 2017 से अगले दस महीने तक किश्तों में करीब 2 करोड़ रुपए रिश्वत ली थी.

CBI Special Director Rakesh Asthana Bribery Case: राकेश अस्थाना घूस मामले में बड़ी कार्रवाई, सीबीआई ने अपने ही DSP देवेंद्र कुमार को किया गिरफ्तार

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