जयपुर: बागी विधायकों के साथ कांग्रेस की शरण में गए सचिन पायलट को पार्टी ने तो अपना लया है लेकिन वो कहते हैं ना कि दूध का जला छाछ को भी फूक फूंककर पीता है, ठीक वैसे ही अशोक गहलोत ने बागी विधायकों के साथ सचिन पायलट को अपने घेमे में वापस तो ले लिया लेकिन लगे हाथों ये भी जता दिया कि बागी विधायकों को उनकी जरूरत हो सकती है, सरकार को उनकी कोई जरूरत नही हैं. बैठक में अशोक गहलोत ने कहा कि हम इन 19 विधायकों के बिना भी बहुमत साबित कर देते लेकिन वह खुशी नहीं होती अपने तो अपने होते हैं. देखा जाए तो इस बयान के कई मतलब निकलते हैं, एक तरफ अशोक गहलोत ने बागी विधायकों को धमका भी दिया दूसरी तरफ पुचकार भी लिया.

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पायलट की वापसी को प्रदेश कांग्रेस और गहलोत आलाकमान से थोंपा हुआ फैसला मान रहे है. माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान के दवाब में भले ही मजबूरन पायलट और उनके खेमे के विधायकों का इस बैठक में स्वागत किया गया लेकिन अभी पार्टी संगठन में दूरियां कम नहीं हुई हैं. सीएम अशोक गहलोत ने बैठक से एक दिन पहले कहा था कि जो विधायक गए थे, वो वापस आ गए हैं. हम सभी सारे गिले – शिकवे दूर कर एक साथ मिलकर काम करेंगे. विधायकों की नाराजगी को लेकर अशोक गहलोत ने कहा कि उनकी नाराजगी स्वाभाविक है, सभी विधायकों को मैंने समझाया है कि राजनीति में लोकतंत्र को बचाने के लिए और लोगों की सेवा करने के लिए सहन भी करना पड़ता है

दूसरी तरफ जयपुर लौटने पर सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में गहलोत के निकम्मा और नकारा बताने वाले बयान को लेकर दुख जताया था. सचिन पायलट ने कहा कि मैं भी इंसान हूं, मुझे दुख और निराशा हुई. पायलट ने कहा कि हमारे पास बड़ा मिशन है, राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। ऐसे में कहा जा सकता है कि ऐसे कई कड़वाहट सचिन पायलट और गहलोत के बीच है, जिसे कम होने में अभी काफी वक्त लगेगा.

Sachin Pilot Meet Ashok Gehlot: महीने भर चले विवाद के बाद साथ आए अशोक गहलोत और सचिन पायलट, मुसकुराकर मिलाया हाथ

Sachin Pilot Meets Rahul Gandhi: कांग्रेस आलाकमान के आगे झुके सचिन पायलट, राहुल और प्रियंका गांधी से की मुलाकात

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर