जयपुर: राजस्थान के अलवर में गौ तस्करी के आरोप में रकबर नाम के युवक की भीड़ के हाथों पीट-पीटकर हत्या कर देने की घटना को लेकर राजस्थान सरकार ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस की गलती स्वीकार की है. मॉब लिंचिंग की इस घटना के लिए राजस्थान सरकार ने पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया है. 

मामला रामगढ़ थाने के लालवंडी गांव का है जहां भीड़ ने हरियाणा के कोलगांव निवासी रकबर खान को पीट-पीटकर जान से मार दिया. रकबर खान दो गाय लेकर जा रहा था जिसे भीड़ ने गौतस्कर समझ लिया है और फिर वहां हैवानियत का नंचा नाच हुआ और भीड़ ने युवक को पीट-पीटकर मार डाला.

इस मामले में राजस्थान पुलिस की लापरवाही भी साफ तौर पर देखने को मिली क्योंकि जहां ये घटना हुई वहां से अस्पताल महज चार किलोमीटर दूर था लेकिन अस्पताल पहुंचने में पुलिस को तीन घंटे का समय लग गया. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने चाय भी पी.

रकबर खान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक शरीर पर गंभीर चोट और सदमा लगने से उसकी मौत हो गई. रिपोर्ट में ये भी पता चला है कि भीड़ ने रकबर खान की जांघ तोड़ दी थी, इसके अलावा उसकी पसलियों पर भी चोट आई थी. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जिनपर हत्या की धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज किया गया है.

पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद अब इस मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है. एएसपी क्राइम और विजिलेंस के एडिशनल एसपी मामले की जांच कर रहे हैं. 

यूपी के मेरठ में दलित युवक की पिटाई, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को गाली देने पर किया मजबूर 

अलवर मॉब लिंचिंगः रकबर खान के साथी असलम ने बताया- मारने वाले कह रहे थे MLA हमारे साथ, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App