जयपुर: सचिन पायलट सहित कांग्रेस के 19 बागी विधायकों की रिट याचिका पर फैसला सुनाते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने विधानसभा स्पीकर के नोटिस पर स्टे लगा दिया है. सचिन पायलट और उनके साथ बाकी विधायकों की सदस्यता पर अगले आदेश तक कोई खतरा नहीं है. राजस्थान हाई कोर्ट ने सचिन पायलट के साथ बागी हुए 18 विधायकों की ओर से अयोग्यता के मुद्दे पर दायर याचिका में भारत सरकार को पक्षकार बनाए जाने की मांग भी स्वीकार कर ली है. कोर्ट ने सचिन पायलट की फ्रीडम ऑफ स्पीच के आधार को सही माना है.

गौरतलब है कि सचिन पायलट और उनके साथ कांग्रेस पार्टी से बागी हुए विधायकों ने राजस्थान विधानसभा स्पीकर की ओर से 14 जुलाई को अयोग्य घोषित करने के लिए जारी नोटिस को अदालत में चुनौती दी थी. इसके बाद विधानसभा स्पीकर की तरफ से गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने राज्य के हाईकोर्ट को आदेश देने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह व्यवस्था विधानसभा अध्यक्ष द्वारा शीर्ष अदालत में दायर याचिका पर आने वाले निर्णय के दायरे में आएगी.

राजस्थान विधानसभा स्पीकर के वकील प्रतीक कासलीवाल ने हाई कोर्ट के फैसले को पायलट गुट के लिए फौरी राहत बताते हुए कहा कि इस मामले में आगे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. दूसरी तरफ सचिन पायलट और अन्य विधायकों ने प्रतिवादियों की सूची में केंद्र सरकार को शामिल करने के लिए गुरुवार को अदालत में एक अर्जी दी है जो इस आधार पर दाखिल की गई कि संविधान की दसवीं अनुसूची की वैधता को चुनौती दी गई है इसलिए अब इसमें केंद्र को पक्ष बनाना जरूरी है.

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