नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में पब्लिक डोमेन में कोई बातें नहीं होनी चाहिए, जब तक कोर्ट खुद ना इसकी इजाजत दे. 5 घंटे तक चली एक लंबी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा. लेकिन विपक्ष को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह देश की रक्षा संबंधी एक महत्वपूर्ण और गोपनीय समझौता है, जिसके डील संबंधी बातों को पब्लिक डोमेन में तभी सामने आना चाहिए जब कोर्ट खुद इसकी इजाजत दे. अब इस मामले में आगे की सुनवाई दोपहर दो बजे से होगी.

इससे पहले याचिकाकर्ता ने कहा 36 विमानों की खरीद में गंभीर धोखाधड़ी हुई है. याची एमएल शर्मा ने कहा, “मुझे मिले दस्तावेज कहते हैं कि मई 2015 में वार्ता शुरू हुई जबकि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अप्रैल में डील पूरी हो चुकी है.” सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे की जानकारी नरेंद्र मोदी सरकार से मांगी थी. शर्मा ने कहा कि अटॉर्नी जनरल को उनकी अर्जी का विस्तार में जवाब देना चाहिए क्योंकि उन्हें पूरे दस्तावेज भी नहीं मिले हैं. अन्य याची विनीत ढांडा ने यह जानना चाहा कि कैबिनेट कमिटी अॉन सिक्योरिटी (सीसीएस) की मंजूरी से पहले प्रधानमंत्री कोई बयान कैसे दे सकते हैं.

आम आदमी पार्टी से राज्य सभा सांसद और याची संजय सिंह ने सरकार के सीक्रेसी के दावे पर हमला बोलते हुए कहा, ”सरकार ने राफेल विमान की कीमत संसद में एक नहीं दो बार बताई. डील की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पुराने सौदे को रद्द किए बिना सरकार नए सौदे का एेलान कैसे कर सकती है.” सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करेगा कि राफेल सौदे की जांच होगी या नहीं.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट को यह भी बताया कि विमान की कीमत अॉफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 के तहत आती है. अब तक सरकार ने सिर्फ 670 करोड़ के बेसिक मॉडल की कीमत ही राज्य सभा में बताई है. सुप्रीम कोर्ट में एमएल शर्मा, विनीत ढंडा के अलावा संजय सिंह ने राफेल सौदे के खिलाफ याचिकाएं दायर की हैं. संजय सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच स्पेशल टीम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करे. सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, सरकार ने जो दस्तावेज दिए हैं, उनमें यह बात नहीं है कि डील फाइनल होने से पहले क्या कदम उठाए गए.

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