Wednesday, December 7, 2022

एमसीडी चुनाव 2022 नतीजे

एमसीडी चुनाव  (250 / 250)  
BJP - 104
CONG - 09
AAP - 134
OTH - 03

लेटेस्ट न्यूज़

उत्तराखंड : कोर्ट ने Facebook पर लगाया 50 हजार का जुर्माना, जानिए पूरा मामला

0
नैनीताल : बुधवार (7 दिसंबर) को नैनीताल हाईकोर्ट ने फेसबुक पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है. ये जुर्माना सही समय पर जवाब दाखिल...

हैदराबाद : देह व्यापर में धकेली जा रही थीं 14 हज़ार लड़कियां, ऐसे पकड़ा...

0
Hyderabad: हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस को देह-व्यापर के गोरकधंधे में एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. पुलिस ने वेश्यावृत्ति का राजफास करते हुए 17...

मैच देखने वाले Rahul Gandhi के वीडियो पर बोले प्रमोद कृष्णम- MCD नतीजे भी...

0
नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी यानी दिल्ली के नगर निगम चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं. दिल्ली एमसीडी में पहली बार आम आदमी...

कुतुबमीनार विवाद: नहीं बदली जा सकती क़ुतुब मीनार की पहचान – कोर्ट में पुरातत्व विभाग ने दाखिल किया जवाब

नई दिल्ली: कुतुबमीनार में पूजा की मांग वाली हिन्दू पक्ष की याचिका पर आज साकेत कोर्ट में आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) ने इसका विरोध किया। ASI ने कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए कहा कि कुतुब मीनार की पहचान बदली नहीं जा सकती. दरअसल, हिन्दू पक्ष की ओर से दिल्ली की साकेत कोर्ट में कुतुब मीनार परिसर के अंदर हिंदू और जैन देवी-देवताओं की बहाली और पूजा के अधिकार की मांग को लेकर एक याचिका दाखिल की गई है. याचिका में इस बात का दावा किया गया है कि कुतुब मीनार परिसर में हिंदू देवी देवताओं की कई मूर्तियां मौजूद हैं.

नहीं दिया जा सकता पूजा का अधिकार- ASI

पुरातत्व विभाग ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए कहा कि कुतुब मीनार को 1914 से संरक्षित स्मारक का दर्जा मिला है और इसकी पहचान अब नहीं बदली जा सकती। ASI ने कहा कि न ही अब स्मारक में पूजा की अनुमति दी जा सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि क़ुतुबमीनार को संरक्षित स्मारक का दर्जा मिलने के बाद से यहां कभी पूजा नहीं हुई है. पुरातत्व विभाग ने कहा कि हिंदू पक्ष की याचिकाएं कानूनी तौर पर वैध नहीं है साथ ही पुराने मंदिर को तोड़कर कुतुब मीनार परिसर बनाना ऐतिहासिक तथ्य का मामला है.

क़ुतुबमीनार में 27 मंदिरों के अवशेष

हिन्दू पक्ष की ओर से दायर याचिका में हरिशंकर जैन ने कुतुब मीनार को लेकर बड़ा दावा किया हैं. उनका कहना है कि क़ुतुबमीनार में करीब 27 मंदिरों के 100 से ज्यादा अवशेष बिखरे पड़े हैं. याचिका में उन्होंने कहा कि कुतुब मीनार को लेकर हमारे पास इतने साक्ष्य हैं, जिन्हें कोई नकार नहीं सकता. हरिशंकर जैन ने ये दावा किया कि उनके द्वारा लिए गए सभी साक्ष्य एएसआई की किताबों से लिए गए है. उन्होंने कहा, ये ASI का कहना है कि ये मंदिरों के अवशेष हैं

यह भी पढ़ें :

बीजेपी MYY फॉर्मूला: पीएम मोदी राजस्थान बीजेपी की लगाएंगे नैया पार, चुनावों में फिर ‘MYY’ फॉर्मूला बनेगा संकटमोचन

भारत में ओमिक्रोन सबवैरिएंट BA.4 का पहला केस मिला, इन्साकाग ने की पुष्टि, जानें क्या है ये नया वैरिएंट?

Latest news