पंजाब. Punjab पंजाब के भाजपा नेताओं ने आज गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से करतारपुर कॉरिडोर को खोलने के सन्दर्भ में मुलाकात की. भाजपा नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से मांग की कि 19 नवंबर को आ रहे श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश-पर्व पर करतारपुर कॉरिडोर को संगतों के लिए खोल दिया जाए। आपको बता दें केंद्र सरकार ने 17 नवंबर से करतारपुर कॉरिडोर को खोलने का निर्णय लिया है. इस बात की जानकारी गृह मंत्री अमित शाह ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिये साझा की. उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘एक बड़ा फैसला लिया गया है, जिससे बड़ी संख्या में सिख तीर्थयात्रियों को लाभ होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने कल यानी कि 17 नवंबर से करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने का फैसला किया है. ये निर्णय श्री गुरु नानक देव जी और हमारे सिख समुदाय के प्रति मोदी सरकार की अपार श्रद्धा को दर्शाता है.’

करतारपुर कॉरिडोर क्या है?

आपको बता दें पिछले डेढ़ साल से कोविड-19 के चलते करतारपुर कॉरिडोर को बंद किया गया था. इस माह के शुरु से सिख तीर्थयात्री लगातार सरकार से इसे खोलने की मांग कर रहे थे, जिसे आज सरकार ने मंजूरी दे दी है. अश्विनी शर्मा ने बताया की कांग्रेस नेताओं की वजह से करतारपुर गुरुद्वारा साहिब को पाकिस्तान में छोड़ दिया गया, जिसपर कांग्रेस ने 60 साल तक कोई ध्यान नहीं दिया। मोदी सरकार ने सिख तीर्थयात्रियों का सम्मान करते हुए करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण करवाया और साल 2019 में इसे तीर्थयात्रियों के लिए खोला दिया गया. आपको बता दें भारत में पंजाब के डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान के नारोवाल जिले में गुरुद्वारे तक कॉरिडोर का निर्माण हुआ है और इसी को करतारपुर साहिब कॉरिडोर कहा जाता है. करतारपुर कॉरिडोर भारत बॉर्डर से 4.7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यह पाकिस्तान के आधिकारिक क्षेत्र में है. भारत और पाकिस्तान के समझौते के अनुसार तीर्थयात्रियों को यहां दर्शन करने के लिए किसी भी प्रकार के वीसा की जरूरत नहीं पड़ती है.

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