नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रवासी भारतीय केंद्र में आयोजित PIO संसदीय सम्मेलन का उद्घाटन किया. ‘संघर्ष से संसद’ इस कार्यक्रम की थीम है. इस सम्मेलन में 23 देशों के 124 सांसदों और 17 मेयर शामिल हुए हैं. कार्यक्रम में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया. सुषमा स्वराज ने कहा कि अगर भारत आज विश्व में अपनी अलग पहचान बना रहा है तो इसका सारा श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है. भारत आज उन देशों के समूह में शामिल हो चुका है जो वैश्विक स्तर पर नीतियां तैयार करते हैं. जी-20 सम्मेलन में शिरकत करने के बाद नरेंद्र मोदी जी काले धन के मुद्दे को केंद्र की परिधि में लेकर आए और फिर उनकी अगुवाई में केंद्र सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े फैसले लिए.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आगे कहा कि साल 2003 से प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जा रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी की सरकार से इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी. उन्होंने कहा, महात्मा गांधी 9 जनवरी को अफ्रीका से वापस लौटे थे, इसलिए इस दिन को चुना गया. 2003 से आज तक ऐसा नहीं हुआ कि जिसमें देश-विदेश से भारतीय मूल के जनप्रतिनिधियों को बुलाया हो, यह आइडिया नरेंद्र मोदी जी का था, जिसके बाद इसी साल हमने इस कार्यक्रम का आयोजन किया.

कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि सुषमा जी 24 घंटे विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए तैयार रहती हैं. उन्होंने आगे कहा कि दोनों विश्वयुद्ध में भारतीय सेना के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. संयुक्त राष्ट्र की शांति आर्मी में भी भारतीय सबसे आगे हैं. पीएम मोदी ने आगे कहा कि वह अपने हर विदेशी दौरे पर वहां रहने वाले भारतीयों से जरूर मुलाकात करते हैं, क्योंकि देश के असली एबेंसेडर वही हैं.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि अगर वह राजनीति की बात करें तो देख ही रहे हैं कि कैसे भारतीय मूल की एक मिनी वर्ल्ड पार्लियामेंट आज उनके सामने उपस्थित है. आज भारतीय मूल के लोग मॉरीशस, पुर्तगाल और आयरलैंड में प्रधानमंत्री हैं. भारतीय मूल के लोग और भी बहुत से देशों में राज्यों के प्रमुख और सरकार में प्रमुख रह चुके हैं. पिछले कुछ वर्षों में भारत में विदेशी निवेश में काफी इजाफा हुआ है. पीएम मोदी वहां मौजूद लोगों से बोले कि आप लोग लंबे समय से अलग-अलग देशों में रह रहे हैं. आपने अनुभव किया होगा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत के प्रति नजरिया बदल गया है. हम पर फोकस बढ़ रहा है, विश्व का हमारे प्रति नजरिया बदल रहा है, तो इसका मुख्य कारण यही है कि भारत स्वयं बदल रहा है, ट्रांसफॉर्म हो रहा है.

बताते चलें कि हर साल 9 जनवरी को ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ मनाया जाता है. इस कार्यक्रम का मकसद विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों को सम्मानित करना है. बीते कई वर्षों से सरकार ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ मना रही है लेकिन यह पहली बार है कि PIO-पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है.

 

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