कोलकाता. चुनावी रणनीतिकार और जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर गुरुवार को बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी के नेताओं से मुलाकात करने कोलकाता जाएंगे. बता दें कि एक महीने पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी टीएमसी के चुनावी अभियान की रणनीति बनाने के लिए प्रशांत किशोर की कंपनी आईपैक को हायर किया था. प्रशांत किशोर ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के नेता जगनमोहन रेड्डी की पार्टी के लिए प्रचार अभियान की कमान संभाली थी जिसके बाद जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस ने भारी बहुमत से आंध्र प्रदेश में सरकार बनाई. लोकसभा चुनावों में भी वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश दो तिहाई सीटें जीतीं थीं.

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के सभी नेता, जिला अध्यक्ष, विधायक और सांसदों को कोलकता के नजरूल मंच ऑडिटोरियम में प्रशांत किशोर के सेशन में मौजूद रहने को कहा गया है. इस सेशन में प्रशांत किशोर लोकसभा चुनाव परिणामों पर बात करेंगे जिसमें वह बताएंगे कि कैसे बूथ लेवल कार्यकर्ताओं के सहारे बीजेपी ने बढ़त बनाई और क्या स्थितियां थीं जिसने बंगाल में बीजेपी को शानदार कामयाबी दिलाई. बता दें कि बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में इस बार टीएमसी को 22 सीटें हीं मिल पाईं जबकि पिछले चुनावों में मात्र दो सांसदों वाली पार्टी बीजेपी को 18 लोकसभा सीटों पर सफलता मिली थी. ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों के बाद ही प्रशांत किशोर को 2021 में होने जा रहे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए हायर किया.

बता दें कि 19 जून को प्रशांत किशोर की टीएमसी नेताओं के साथ पहली मीटिंग हुई थई. इस मीटिंग में प्रशांत किशोर और पार्टी नेताओं पर चुनाव परिणामों के मद्देनजर बात हुई थी. राज्य में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव पर भी बात हुई थी. प्रशांत किशोर ने भी स्थानीय नेताओं से कई सवाल पूछे थे. पिछली बैठक की ही तरह इस बैठक में भी प्रशांत किशोर और पार्टी नेताओं के बीच खुला संवाद होगा. टीएमसी से जुड़े नेता इस मीटिंग के बारे में कुछ भी खुल कर कहने से बच रहे हैं.

दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिनों पहले एक इंटरव्यू में ममता बनर्जी ने कहा था, “ऐसी संभावना है कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर टीएमसी के लिए अपनी सेवाएं देंगे. ऐसा जरूरी नहीं है कि हर कोई पैसे के लिए ही काम करे. प्रशांत किशोर हमारे सेवार्थ काम करेंगे. 7 जून को ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर के बीच दो घंटे लंबी बैठक हुई थी. इस मीटिंग में बंगाल में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव और टीएमसी की आगे की रणनीति पर बात हुई.

बता दें कि जब ममता बनर्जी से पूछा गया कि पश्चिम बंगाल में उनकी इतनी लोकप्रियता है, इसके बावजूद उन्हें प्रशांत किशोर की सेवाएं क्यों चाहिए,उन्होंने कहा, “अगर कोई अपनी इच्छा से काम करना चाहता है तो इसमें समस्या क्या है. उन्हें काम करने दीजिए. यह पार्टी का अंदरूनी मामला है इसलिए मैं इस पर चर्चा नहीं करूंगी. वैसे भी पैसे की कोई बात नहीं हुई है. यह काम वो सेवार्थ कर रहे हैं. जैसे हर कॉरपोरेट सीएसआर के तहत काम करता है.

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