मुंबई. पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक, पीएमसी घोटाले में मुंबई पुलिस की आर्थिक मामलों की शाखा ने बैंक के पूर्व डायरेक्टर रणजीत और पूर्व बीजेपी विधायक के बेटे सरदार तारा सिंह को गिरफ्तार किया है. रणजीत को आर्थिक मामलों की शाखा (EOW) ने रणजीत सिंह को अपनी हिरासत में लेकर शनिवार शाम पीएमसी बैंक मामले में पूछताछ की.

पीएमसी बैंक ने रियल स्टेट कंपनी एचडीआईएल को करीब 4,355 करोड़ रुपयों का लोन दिया था, जिसे कंपनी चुका नहीं पाई. इसके चलते पीएमसी बैंक का एनपीए बढ़ गया और आर्थिक संकट की स्थिति आ गई. इसका खामियाजा पीएमसी बैंक के खाताधारकों को भुगतना पड़ रहा है.

रणजीत सिंह पीएमसी बैंक के डायरेक्टर रह चुके हैं और मुंबई के मुलुंद से बीजेपी विधायक रहे सरदार तारा सिंह के बेटे हैं. इसके साथ ही रणजीत पीएमसी बैंक की लोन रिकवरी कमिटी के भी सदस्य हैं.

मुंबई पुलिस की आर्थिक मामलों की शाखा ने रणजीत से एचडीआईएल कंपनी को दिए गए लोन के बारे में सवाल किए. साथ ही यह भी पूछा कि लोन की रिकवरी ने बैंक ने क्या कदम उठाए थे.

मुंबई पुलिस का कहना है कि रणजीत ने जवाबों से वे असंतुष्ट हैं. रणजीत को रविवार को होलिडे कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी. पीएमसी बैंक मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसमें बैंक के प्रमुख अधिकारियों समेत एचडीआईएल कंपनी के प्रमोटर और ऑडिटर भी शामिल हैं.

गौरतलब है कि पीएमसी बैंक में आए आर्थिक संकट के बाद आरबीआई ने दो महीने पहले खाताधारकों के नकद निकासी पर रोक लगा दी थी. रिजर्व बैंक ने छह महीने के लिए 1,000 रुपये से ज्यादा की निकासी पर रोक लगा दी थी.

हालांकि बाद में समय-समय पर नकद निकासी की सीमा बढ़ाई गई. मगर अभी भी पीएमसी बैंक ग्राहक अपने खाते से 50,000 रुपये से ज्यादा की रकम नहीं निकाल सकते हैं. बैंक में अभी भी 22 फीसदी ग्राहकों के पैसे फंसे हुए हैं.

पीएमसी बैंक में आए संकट के बाद अब तक 8 खाताधारकों की मौत हो चुकी है. इनमें से किसी की सदमे के कारण हार्ट अटैक से जान गई तो कोई पैसे न निकाल पाने के कारण इलाज न करा पाया तो जान गंवा बैठा. पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के खाताधारक सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं.

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