नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) पर आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी. दरअसल हाल ही में समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि भारत के किसी भी नागरिक के लिए देश छोड़ने की स्थिति नहीं आएगी. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन लोगों के भी नाम लिस्ट में नहीं हैं उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने का मौका जरूर मिलेगा.

बता दें कि एनआरसी ड्राफ्ट को लेकर इन दिनों असम में राजनीति गरमाई हुई है. दरअसल साल 1951 में नागरिकों तथा उनके घरों की गिनती के उद्देश्य से कार्यक्रम नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) चलाया गया. उस समय 80 लाख लोगों को असम का नागरिक माना गया था. लेकिन लंबे समय से इस रजिस्टर को अपडेट नहीं किया गया.

लेकिन अब एनआरसी के संशोधित ड्राफ्ट में असम के 2.89 करोड़ लोगों को वहां का नागरिक मान लिया गया है लेकिन 40,07,708 लोगों के नाम इसमें शामिल नहीं हैं. ऐसे में वे फिलहाल अपनी पहचान साबित नहीं कर पाए. आशंका है कि इन लगभग 40 लाख लोगों में से अधिकतर अवैध बांग्लादेशी है.

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