नई दिल्ली. देश की आर्थिक स्थिति को संभालने और नौकरी के अवसर पैदा करने की कोशिशों के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के सबसे बड़े कारोबारियों यानी बिजनेसमैन से मिले और काफी देर तक बातचीत की. नरेंद्र मोदी ने टाटा ग्रुप के रतन टाटा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, आर्सेलर मित्तल के सीईओ और चेयरमैन लक्ष्मी मित्तल, महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, अडानी ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन गौतम अडानी, डीएलएफ के कुशालपाल सिंह, वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत अन्य प्रमुख कारोबारियों से मुलाकात की.

देश में बढ़ती बेरोजगारी से हर नागरिक परेशान है और इस बात को लेकर अब पीएम नरेंद्र मोदी ने एक मीटिंग की है. पीएम मोदी ने देश की सबसे बड़ी समस्या जॉब क्रिएशन और अर्थव्यवस्था को लेकर भारत के सबसे बड़े कारोबारियों (बिजनेसमैन) से मुलाकात की है. इस मुलाकात के लिए पीएम मोदी ने देश के सभी प्रमुख बिजनेसमैन को एक जगह इसलिए ही बुलाया कि देश की गिरती अर्थव्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है.

इससे पहले यह कभी नहीं हुआ कि देश की अर्थव्यवस्था सुधारने की दिशा में सरकार का साथ देने के लिए देश के बड़े बिजनेसमैन एक जगह एक साथ खड़े हुए हों. इस मीटिंग को देखकर ऐसा लगता है कि देश की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी और गिरती अर्थव्यवस्था बहुत जल्द ही खत्म हो सकती है. नरेंद्र मोदी सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरफ प्लान बना रही है.

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