नई दिल्ली : आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में संबोधन दिया है. इस दौरान उन्होंने पिछले दो महीनों से जारी किसान आंदोलन पर काफी अहम बातें कहीं हैं. उन्होंने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए कहा है कि ‘आंदोलनकारियों को समझाते हुए देश को आगे ले जाना होगा. आइए आपको बताते हैं आज संसद में पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा.

किसान आंदोलन पर पीएम मोदी ने बोली ये 10 बड़ी बातें

1. पीएम मोदी ने चौधरी चरण सिंह को याद करते हुए उनका एक कथन सदन में पढ़ा, ‘किसानों का सेंसेस लिया गया, तो 33 फीसदी किसान ऐसे हैं जिनके पास जमीन 2 बीघे से कम है, 18 फीसदी जो किसान कहलाते हैं उनके पास 2-4 बीघे जमीन है. ये कितनी भी मेहनत कर ले, अपनी जमीन पर इनकी गुजर नहीं हो सकती है’

2. पीएम मोदी ने किसानों के बारे में बात करते हुए कहा, मौजूदा वक्त में जिनके पास 1 हेक्टेयर से कम जमीन है, वो 68 फीसदी किसान हैं. 86 फीसदी किसानों के पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है. ऐसे 12 करोड़ किसान हैं. क्या इनके प्रति हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है? हमें चौधरी चरण सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए इस दिशा में कुछ करना होगा. 

3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में कहा कि चुनाव के वक्त कर्जमाफी की जाती है, लेकिन उससे छोटे किसान को फायदा नहीं होता है. पिछली फसल बीमा योजना भी बड़े किसानों के लिए थी, जो सिर्फ बैंक से लोन लेता था. यूरिया हो या कोई दूसरी योजना, पहले सभी योजनाओं का लाभ 2 हेक्टेयर से अधिक वाले किसानों को होता था.

4. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद हमने कई परिवर्तन किए और फसल बीमा के दायरे को बढ़ा दिया. पीएम मोदी ने कहा कि फसल बीमा योजना के तहत 90 हजार करोड़ रुपये दिए गए. हमने करीब पौने दो करोड़ लोगों तक किसान क्रेडिट कार्ड को पहुंचाया. पीएम मोदी बोले कि हमने किसान सम्मान निधि योजना लागू की, दस करोड़ परिवारों इसका लाभ मिला और 1.15 लाख करोड़ किसानों के खाते में गया है. बंगाल में राजनीति आड़े में ना आती, तो वहां के लाखों किसानों को लाभ मिलता. हमने सौ फीसदी किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड पेश किया.

5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि जब लाल बहादुर शास्त्री जी को जब कृषि सुधारों को करना पड़ा, तब भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. लेकिन वो पीछे नहीं हटे थे. तब लेफ्ट वाले कांग्रेस को अमेरिका का एजेंट बताते थे, आज मुझे ही वो गाली दे रहे हैं. पीएम ने कहा कि कोई भी कानून आया हो, कुछ वक्त के बाद सुधार होते ही हैं.

6. पीएम मोदी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों को समझाते हुए हमें आगे बढ़ना होगा, गालियों को मेरे खाते में जाने दो लेकिन सुधारों को होने दो. पीएम मोदी ने कहा कि बुजुर्ग आंदोलन में बैठे हैं, उन्हें घर जाना चाहिए. हम मिलकर बैठकर बात करेंगे. मैं बार-बार कह रहा हूं. हम सब मिल-बैठकर बात करने को तैयार हैं. मैं आज सदन से भी निमंत्रण देता हूं. आंदोलन खत्म करें और चर्चा आगे चलती रहे. किसानों के साथ लगातार बात की जा रही है.

7. साथ ही पीएम ने किसानों को भरोसा दिलाया कि MSP है, था और रहेगा. मंडियों को मजबूत किया जा रहा है. जिन 80 करोड़ लोगों को सस्तों में राशन दिया जाता है, वो भी जारी रहेगा. किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूसरे उपाय पर बल दिया जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि अगर अब देर कर देंगे, तो किसानों को अंधकार की तरफ धकेल देंगे.

8. पीएम मोदी ने कोरोनाकाल की बात करते हुए कहा कि कोरोना संकट आया, तो भारत के लिए दुनिया चिंतित थी. अगर भारत खुद को नहीं संभाल पाया तो दुनिया के लिए संकट होगा. भारत ने अपने देश के नागरिकों की रक्षा करने के लिए एक अज्ञात दुश्मन से जंग लड़ी. लेकिन आज दुनिया इस बात पर गर्व कर रही है कि भारत ने ये लड़ाई जीती है. ये लड़ाई किसी सरकार या व्यक्ति ने नहीं जीती, लेकिन हिंदुस्तान को तो इसका क्रेडिट जाता है.

9. मोदी ने कहा कि जिस देश को तीसरी दुनिया का हिस्सा माना जाता था, उसी भारत ने एक साल में दो वैक्सीन बनाई और दुनिया को मदद पहुंचाई. पीएम मोदी ने कहा कि जब कोरोना के खिलाफ कोई दवाई नहीं थी, तब भारत ने 150 देशों को दवाई पहुंचाई. अब जब वैक्सीन आ गई है, तब भी दुनिया को भारत ही वैक्सीन दे रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के अंदर भी केंद्र और राज्य की सरकारों ने मिलकर काम किया है.

10. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भारत में डबल डिजिट ग्रोथ का अनुमान है, दुनिया के कई देशों को निवेश नहीं मिल रहा है लेकिन भारत में लोग निवेश करना चाहते हैं. कभी यहां मोबाइल फोन को लेकर मजाक उड़ाया गया, लेकिन आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है. पीएम मोदी ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयरस्ट्राइक, भारत की ताकत को दुनिया ने देखा है.

इसके अलावा पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा, कुछ बुद्धिजीवी होते हैं, लेकिन कुछ लोग आंदोलनजीवी हो गए हैं, देश में कुछ भी हो वो वहां पहुंच जाते हैं. कभी पर्दे के पीछे और कभी फ्रंट पर, ऐसे लोगों को पहचानकर हमें इनसे बचना होगा. ये लोग खुद आंदोलन नहीं चला सकते हैं, लेकिन किसी का आंदोलन चल रहा हो तो वहां पहुंच जाते हैं. ये आंदोलनजीवी ही परजीवी हैं, जो हर जगह मिलते हैं.

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