नई दिल्ली. देश के वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतत्व में आज वित मंत्रालय के साथ आंतरिक मीटिंग हुई. मीटिंग में डिपार्टमेंट ऑफ ईकॉनोमिक अफेयर्स (डीईए) ने पीएम मोदी के सामने विस्तृत प्रस्तुति दी. इसी दौरान प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्रालय के विभिन्न विभागों की समीक्षा भी की. इस बारे में अरुण जेटली ने बताया कि सरकार पूरी तरह आश्वस्त है और सख्ती से राजकोषीय घाटे को 3.3% बरकरार रखने का लक्ष्य को बनाए हुए है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आगे कहा कि जहां तक कैपिटल खर्च की बात है तो हमने 31 अगस्त तक लगभग 44 फीसदी बजट व्यय खर्च किया है. और आगे भी हम बिना किसी कटौती के साल समाप्त कर देंगे और 100 प्रतिशत पूंजी व्यय बनाए रखेंगे. अरुण जेटली ने आगे कहा कि सरकार को भरोसा है पिछले साल के बजट के मुकाबले में इस बार हमारा ग्रोथ रेट अधिक होगा. इसके साथ ही महंगाई पूरी तरह से काबू में है.

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि अगर जीएसटी और दूसरे अप्रत्यक्ष टैक्स की बात की जाए तो जीएसटी खपत में रफ्तार पकड़ रही और आने वाले महीनों में इसका सीधा प्रभाव जीएसटी कलेक्शन पर पड़ेगा. और हमे पूरा भरोसा है कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष टैक्स के बीच कलेक्शन को लेकर सरकार निर्धारित लक्ष्य तक आराम से पहुंच जाएगी. हालांकि इस मीटिंग में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई. 

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