नई दिल्ली.वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोक सभा में बजट 2018 पेश किया. 2019 चुनावों को देखते हुए ये बजट पूरी तरह से चुनावी बजट दिख रहा है. इस बजट में राष्ट्रपति से लेकर आम लोगों तक पर तोहफों की बरसात हुई है. लेकिन टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वित्त मंत्री ने जहां राष्ट्रपति से लेकर सांसदों तक के वेतन को बढ़ाने का ऐलान किया है. वहीं किसानों को कृषि लोन के लिए 11 लाख करोड़ की राशि देने की घोषणा की गई है. वहीं 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए हेल्थ बीमा सरकार कराएगी. जिसका फायदा देश के 50 करोड़ लोगों को मिलेगा, 5 लाख रुपए का सालाना बीमा होगा. वित्त मंत्री ने बजट भाषण में 70 लाख नौकरियां पैदा करने का ऐलान किया है.

बीजेपी सरकार के वर्तमान कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट होगा. इस बजट की खास बात ये हैं कि पहली बार वित्त मंत्री अरुण जेटली आम बजट को हिन्दी में पेश कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार नरेंद्र मोदी सरकार चाहती है कि इसके जरिए ग्रामीण जनसंख्या से सीधा जुड़ा जा सकेगा. ऐसा हुआ तो अरुण जेटली आजादी के बाद हिंदी में बजट भाषण देने वाले पहले वित्त मंत्री बन गए हैं.

बजट 2018-19 लाइव अपडेट्स

इंकम टैक्स में कोई टैक्स नहीं. 2 लाख 90 हजार सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं. सैलरी में से 40 हजार घटाकर लगेगा टैक्स. 80 डी में बुजुर्गों के इलाज पर 50 हजार की छूट. शिक्षा और स्वास्थ्य पर 1 फीसदी सेस बढ़ा. अब 4 फीसदी लगेगा, पहले 3 फीसदी लगता था. कस्टम ड्यूटी बढ़ी है, जिससे विदेशों से आने वाले सामान महंगे होंगे. खासकर मोबाइल फोन 15 से 20 फीसदी महंगे हो जाएंगे. बजट से शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है. सेंसेक्स में 450 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि भारी गिरावट के बाद बाजार में थोड़ी रिकवरी आई है.

सरकार का घाटा 5.95 लाख करोड़. डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12.6 फीसदी हुआ है. इनकम टैक्स कलेक्शन 90 हजार करोड़ बढ़ा. राजकोष घाटा जीडीपी का 3.5 फीसदी है. टैक्स देने वाले 19.25 लाख बढ़े. कालेधन पर लगाम मुहिम का असर दिखा है. किसान उत्पाद कंपनियों को 100 फीसदी का छूट मिलेगी.

क्रिप्टो करेंसी गैर कानूनी होगी. बिटकॉइन जैसी करेंसी पर रोक लगेगी.5जी नेटवर्क शुरु करने के लिए चेन्नई में रिसर्च चल रही है. आधारकार्ड से जरुरत मंदों को फायदा मिलेगा. 100 स्मारकों को आदर्श बनाया जाएगा. 14 सरकारी कंपनियां शेयर बाजार में आएंगी. जिसका शेयर बेचकर 80 हजार करोड़ जुटाएंगे.10 नए पर्टयन केंद्र बनाएं जाएंगे. उद्योग के लिए आधार जैसा 16 अंकों का नंबर दिया जाएगा. गोल्ड के लिए नई पॉलिसी बनेगी. नई नीति से सोना लाने लेजाने में आसान होगी. राष्ट्रपति और राज्यपाल का वेतन बढ़ेगा. राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख और उप राष्ट्रपति का वेतन 4 लाख होगा. उप राज्यपाल का वेतन 3.5 लाख होगा. सांसदों के वेतन हर 5 साल में महंगाई की दर के आधार पर बढ़ाया जाएगा.
पूरी रेलवे ब्रॉडगेज पर होगी. रेलवे पर 1 लाख 43 हजार करोड़ खर्च होंगे. मुंबई लोकल ट्रेनों का दायरा बढाया जाएगा. मुंबई में 90 किलोमीटर रेलवे का विस्तार होगा. हवाई चप्पल पहनने वाले हवाई जहाज से चलेंगे. सभी ट्रेनों में सीसीटीवी और वाई फाई लगेंगे. 600 स्टेशनों का आधुनिकीकरण होगा.3600 किलोमीटर ट्रेक बिछाने का लक्ष्य. 4267 मानव रहित फाटकों का डिजिटल किया जाएगा. माल ढुलाई के लिए 12 वैगन बनाए जाएंगे. एयरपोर्ट की संख्या 5 गुना बढाने की कोशिश. 25,000 से ज्यादा फुटफॉल वाले स्टेशनों में स्केलेटर्स लगेंगे. 12,000 वैगन्स, 5,160 कोच और 700 लोकोमोटिव्स बनाएगा रेलवे.

70 लाख नई नौकरियां पैदा करेंगे. कारोबार शुरु करने के लिए 3 लाख करोड़ का कर्ज दिया जाएगा. 24 नए मडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. 5 लाख हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे. 2022 तक सबके पास घर होगा. सुकन्या योजना में 1 करोड़ 36 लाख नए अकाउंट खोले जाएंगे. 16713 करोड़ का फंड नमामी गंगे योजना के लिए दिए जाएंगे. मुद्रा योजना में 3 लाख करोड़ और दिए जाएंगे

टीबी के मरीजों के पोषण के लिए 6,000 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन होगा. जनजातियों के विकास के लिए 32,000 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन होगा. 3794 करोड़ रुपये से मध्यम, लघु एवं सूक्ष्य उद्योगों का विकास होगा. नमामि गंगे के तहत पूरी हुईं 47 परियोजनाएं. हिला कर्मियों के लिए पीएफ कटौती 8 पर्सेंट होगी। हाथ में आएगी ज्यादा सैलरी.

प्री-नर्सरी से 12वीं तक शिक्षा के लिए नई नीति बनाई जाएगी. वड़ोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी बनेगी. नवोदय की तरह आदिवासियों के लिए एकलव्य विद्यालय बनेंगे. अनट्रेंड शिक्षकों को ट्रेंड किया जाएगा. शिक्षकों के लिए नई बीएड कोर्स की शुरुआत होगी.हेल्थ सेक्टर के लिए आयुष्मान योजना की शुरुआत होगी. हेल्थ योजनाओं के लिए 1200 करोड़ का फंड दिया जाएगा.10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए हेल्थ बीमा सरकार कराएगी. जिसका फायदा देश के 50 करोड़ लोगों को मिलेगा, 5 लाख रुपए का सालाना बीमा होगा. हर तीन लोकसभा सीटों पर एक हेल्थ सेंटर खोला जाएगा.शहरी क्षेत्रों में 37 लाख मकान बनाने को मंजूरी दी गई है. गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 14.34 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे. हर साल 1 हजार बी.टेक स्टूडेंट्स को मिलेगी छात्रवृत्ति. स्वास्थ्य के लिए 1.5 लाख आरोग्य सेंटर स्थापित किए जाएंगे.

जेटली बोले- कृषि कर्ज के लिए 11 लाख करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे. ऑपरेशन ग्रीन के लिए 500 करोड़ दिए जाएंगे. 8 करोड़ महिलाओं को फ्री गैस कनेक्शन मिलेगा. अगले एक साल में 2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य है. दिल्ली- एनसीआर में प्रदूषण पर रोकथाम के लिए नई योजना पर काम करेंगे.

2022 तक हम किसानों की आमदनी दोगुनी करने पर काम कर रहे हैं. खरीफ की फसल का समर्थन मूल्य डेड गुना किया है. सरकार ने किसानों के बीच से बिचौलियों को हटाने के लिए काफी काम किया है. फसल को कलस्टर मॉडल पर विकसित करेंगे. 42 मेगा फूड पार्क बनाएंगे. आलू, टमाटर, प्याज के लिए 500 करोड़ देंगे. बांस उद्योग के लिए 1200 करोड़ दिए जाएंगे. पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड मिलेगा. 2000 करोड़ की लागत से बनेगा कृषि बाजार.

जेटली बोले कि एनडीए सरकार के दौरान विदेशी निवेश में इजाफा हुआ है. हमारी सरकार कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध है. किसानों के परिश्रम के कारण 2017-2018 में अनाजों सब्जियों का पहले से अधिक उत्पादन हुआ है. 27.5 करोड़ टन अनाज का उत्पादन हुआ है. सरकार ने किसानों के उत्थान के लिए फसल की कीमत को लागत से डेढ गुना रखने का फैसला किया है. हमारी सरकार किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

हमारी सरकार विशेषतौर पर गरीब और मिडल क्लास के लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए काम कर रही है. 3,000 से ज्यादा जनऔषधि केंद्रों से सस्ती दवाएं मिल रही हैं. ग्रुप-सी और डी की नौकरियों में इंटरव्यू की व्यवस्था को खत्म करने का बड़ा कदम हमने उठाया है. हमारी इकॉनमी 8 पर्सेंट की ग्रोथ की ओर बढ़ रही है. 2018-19 के दूसरे हाफ में इकॉनमी की ग्रोथ 7.2 से 7.5 पर्सेंट तक रहेगी.

वित्त मंत्री ने कहा कि हमारा फोकस देश के गांवों के विकास पर है. विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग को मजबूत बनाने पर सरकार जोर दो रही है. उज्जवला योजना के तहत सरकार मुफ्त गैस कनेक्शन दे रही है. गरीब और मध्यम वर्ग को मुफ्ट आवास योजना पर सरकार काम कर रही है. सौभाग्य योजना से 4 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाई गई है.

2014 में पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने देश को आगे बढाने के लिए कमान संभाली थी. जिसके बाद लगातार देश आगे बढ़ रहा है. जीएसटी से टैक्स में बढो़त्तरी हुई है. जीएसटी से बाजार में कैश का प्रचलन कम हुआ है. जीएसटी लागू करने के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर है. 2014 में पीएम मोदी ने ईमानदार देश का बादा किया था. जिस पर हम लगातार बढ़ रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार भारत को गरीब देश से मजबूत देश बनाने के लिए कटिबद्ध हैं.

इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली वित्त मंत्रालय से निकलकर संसद पहुंचे थे. जहां उन्होंने संसद में कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लिया था. बता दें कि ये केंद्र सरकार के कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है. इसके अलावा आखिरी पूर्ण बजट होने से साथ साथ यह देश में जीएसटी लागू होने के बाद पेश हो रहा पहला आम बजट भी है. बता दें कि 2019 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वोट ऑन अकाउंट बजट पेश किया जाएगा. इस बजट से ये देखना होगा कि जीएसटी के बाद क्या महंगा होगा और क्या सस्ता ?

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