नई दिल्लीः देश में लगातार आसमान छू रहे पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है. इस याचिका में कहा गया है कि एसेंशियल कमोडिजीज एक्ट 1955 के तहत केंद्र सरकार की ये जिम्मेदारी है कि वो आवश्यक वस्तुओं को सही दामों पर आम लोगों तक पहुंचाएं. इसके साथ ही इस याचिका में कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि वो केंद्र सरकार को तुरंत निर्देश जारी करें ताकि आम लोगों को बढ़ती पेट्रोल डीजल की कीमतों से कुछ राहत मिल सके.

दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के एक प्रावधान के उल्लंघन की बात रखते हुए कहा गया है कि तेल कंपनियां फिलहाल जिस मूल्य पर पेट्रोल और डीजल बेच रही हैं वो सीधे तौर पर एसेंशियल मकोडिटीज एक्ट 1955 के सेक्शन 3(1) का खुले तौर पर उल्लंघन है जिसके लिए इन तेल कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए. जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई कर सकता है.

बता दें कि देश में पिछले 20 दिनों डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट जारी है मंगलवार को रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुका है. और इसी वजह से से तेल की कीमतें बढ़ने का सिलसिला जारी है जिसमें मंगलवार को भी पेट्रोल और डीजल 14 पैसे की प्रति लीटर महंगा हो गया है. जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को पेट्रोल की कीमत 80.87 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 72.97 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है. इसके अलावा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 88.26 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 77.47 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर मिल रहा है.

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