नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को संवाददाताओं से बात करते हुए कहा किअमेरिकी फार्मास्युटिकल दिग्गज फाइजर और मॉडर्न ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सीधे दिल्ली को टीके नहीं बेचेंगे. केजरीवाल ने बताया कि, हमने जब फाइजर और मॉडर्ना जैसी कंपनियों से दिल्ली को वैक्सीन बिक्री के लिए बात की तो उन्होंने इनकार कर दिया. केजरीवाल का दावा है कि कंपनियों ने दिल्ली को दो टुक जवाब दिया है कि वह सिर्फ और सिर्फ भारत सरकार से ही सौदा करेंगी. ऐसे में केजरीवाल ने केंद्र से अपील की है कि वह जल्द से जल्द वैक्सीन का आयात करे और राज्यों को उपलब्ध कराए.

केजरीवाल ने आगे कहा हमारी फाइजर से बात हुई मॉडर्ना से बात हुई वो कह रहे हैं कि आपको नहीं देंगे केंद्र को देंगे. हम केंद्र से अपील करते हैं कि वो इन कंपनियों से बात कर वैक्सीन की व्यवस्था करें. 16 लाख का कोटा मई में था, मिला 8 लाख. ऐसी रफ्तार रही तो 30 महीने लग जाएंगे. केंद्र सरकार 3-4 दिन के भीतर सभी कंपनियों से बात कर सकती है. 16 कंपनियां तैयार हैं बनाने के लिए. इसके लिए हमने सेंटर बना दिए हैं पर दवाई नहीं है, कल भी नहीं आई. करीब 500 मरीज हैं. एक को रोजाना 4 दवा चाहिए। तो कम से कम 2000 दवा रोजाना चाहिए.

अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर खुराक की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की. उन्होंने कहा, “हर महीने दिल्ली को 80 लाख खुराक की जरूरत होती है, लेकिन मई में उसे केवल 16 लाख खुराक मिली.जून के लिए, हमारे हिस्से को आठ लाख खुराक तक घटा दिया गया है.”

 केजरीवाल ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री को वैक्सीन अभियान में तेजी लाने के लिए चार सुझाव भी दिए. उन्होंने कहा, “केंद्र को अंतरराष्ट्रीय वैक्सीन निर्माताओं से बात करनी चाहिए, उनसे खरीदना चाहिए और राज्यों को वितरित करना चाहिए. राज्य और केंद्र शासित प्रदेश आपस में लड़ रहे हैं.”

उन्होंने कहा, अंतर्राष्ट्रीय वैक्सीन निर्माताओं को भारत में निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए, और उन्होंने यह भी जोर दिया कि जिन देशों ने जरूरत से ज्यादा टीकों का स्टॉक किया है, वे भारत को अतिरिक्त खुराक भेज दें. उन्होंने केंद्र से अपील करते हुए कहा, “भारत में सभी वैक्सीन निर्माताओं को 24 घंटे के भीतर भारत बायोटेक के कोवैक्सिन का निर्माण करने का आदेश दिया जाना चाहिए.”

दिल्ली में लॅाकडाउन रविवार को छठे सीधे सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई, यहां तक ​​​​कि शहर में सकारात्मकता दर 2.5 प्रतिशत से कम देखी गई राष्ट्रीय राजधानी, जिसने पिछले कुछ हफ्तों में भारत की दूसरी कोविड लहर के दबाव में अस्पतालों को देखा, में 1,649 नए मामले देखे गए.

भारत ने अब तक आपातकालीन उपयोग के लिए तीन टीकों को मंजूरी दी है: भारत बायोटेक का घरेलू कोवैक्सिन, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का कोविशील्ड, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश फार्मा दिग्गज एस्ट्राजेनेका और रूस के स्पुतनिक वी के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है. कई राज्यों ने घोषणा की है कि वे टीके खरीदने की कोशिश करेंगे सीधे अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं से.

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