नई दिल्ली: अलवर मॉब लिंचिंग मामले में कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया है. 1 अप्रैल 2017 को राजस्थान के अलवर में भीड़ ने गोतस्करी के आरोप में डेरी किसान पहलू खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इस मामले में दो साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया है. मामले पर 7 अगस्त को ही सुनवाई पूरी हो चुकी थी और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 55 साल के पहलू खान को दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर कथित तौर पर गोरक्षकों ने पीट-पीटकर मार डाता था.

राजस्थान की अलवर कोर्ट ने पहलू खान मामले में पुलिस की जांच पर सवाल खड़े किए है. कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि जांच के दौरान कई कमियां छोड़ी गई है. इन्हीं खामियों की वजह से सभी 6 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने बरी किया है. पहलू खान मामले में कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जिस वीडियो से इस पूरे मामले का प्रकरण बनाया गया उस मोबाईल को पुलिस ने ज़ब्त नही किया और वीडियो किसने बनाया था उसकी जानकारी भी प्रश्नावली में नही हैं.

पहलू खान मामले में अलवर कोर्ट ने 6 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करते हुए कहा-

  1. पहलू खान मामले में कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जिस वीडियो से इस पूरे मामले का प्रकरण बनाया गया उस मोबाईल को पुलिस ने ज़ब्त नही किया और वीडियो किसने बनाया था उसकी जानकारी भी प्रश्नावली में नही हैं.
  2. तस्वीरों के रूप में जो सबूत दिए गए उससे आरोपियों के आरोप साबित नही होते
  3. पहलू खान आरोपियों का नाम कैसे जानता था जबकि पहलू खान मेवात से था और आरोपी अलवर से था. 
  4. पहली FIR में बतौर आरोपी दूसरे लोगों के नाम दर्ज थे. 
  5. आरोपियों की पहचान सही तरीके से नही की गई.
  6. पहलू खान का मरते वक्त सही तरीके से बयान दर्ज नही किया गया.
  7. कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि जांच के दौरान कई कमियां छोड़ी गई है.

जिस वक्त ये घटना हुई  उस वक्त पहलू खान के साथ पांच लोग और थे जो जयपुर के बाजार से गाय खरीदकर उसे हरियाणा स्थित अपने गांव नूह ले जा रहे थे. 3 अप्रैल 2017 को अस्पताल में पहलू खान की मौत हो गई थी. जिला न्यायालय का बयान ऐसे समय आया है जब दस दिन पहले ही राजस्थान सरकार ने बिल पास कर कानून बनाया है कि अगर कोई शख्स मॉब लिंचिंग केस में दोषी पाया जाता है तो उसे उम्रकैद की सजा और पांच लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है.

अलवर कोर्ट ने पहलू खान मौत मामले में सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। पीड़ित पक्ष के वक़ील का कहना है कि वो निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनोती देंगे. पहलू खान के परिवार ने राजस्थान सरकार पर चार्जशीट देरी से दाखिल करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया.

गौरतलब है कि पहलू खान के बयान के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध ओम यादव, हुकुम चंद यादव, सुधीर यादव, जगमल यादव, नवीन शर्मा, राहुल सैनी समेत 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था. राज्य सरकार की क्राइम ब्रांच की जांच के बाद इन 6 लोगों को क्लीन चिट दे दी गई थी और दूसरे 6 लोग विपिन यादव, कालू राम, दयानंद यादव, रविंद्र कुमार, योगेश कुमार, भीम राठी, दीपक उर्फ गोलू यादव और 6 अन्य के खिलाफ मर्डर, दंगा फैलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था. 

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