नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने पेगासस मामले की जांच के लिए गठित एक समिति पर शीर्ष अदालत में अपना जवाब दाखिल किया है। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वकील ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को जवाब दिया। उन्होंने जवाब दिया कि जांच समिति तब तक कुछ नहीं करेगी जब तक कि शीर्ष अदालत पेगासस मामले में दायर याचिकाओं का फैसला नहीं कर लेती।

दरअसल, पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने पेगासस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मदन बी लोकुर की अध्यक्षता में दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. ममता सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इससे पहले शीर्ष अदालत ने ममता सरकार से 25 अगस्त को जवाब दाखिल करने को कहा था. शीर्ष अदालत के निर्देश के बाद ममता सरकार ने अपने वकील के माध्यम से जांच समिति पर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया.

सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को पेगास विवाद पर सुनवाई करते हुए ममता सरकार को नोटिस जारी किया था. शीर्ष अदालत ने पेगासस विवाद की जांच के लिए गठित ममता सरकार के जांच आयोग को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की थी। याचिका में सवाल यह था कि ममता सरकार ने जांच आयोग का गठन क्यों किया जबकि इस विवाद की सुनवाई शीर्ष अदालत ही कर रही है।

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