नई दिल्ली: पैराडाइज पेपर्स लीक मामले में नाम आने के बाद भाजपा सांसद आर के सिन्हा ने उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू को पत्र लिखकर खबर छापने वाले अखबार और संपादक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. सिन्हा ने पत्र में लिखा है कि उनकी कंपनी ने कोई भी गलत काम नहीं किया है. बिना किसी सबूत के उनपर कालाधन इकट्ठा करने का आरोप लगाया गया है, जो कि उनके विशेषाधिकार का उल्लंघन है. इससे उनके सम्मान पर ठेस पहुंची है. गौरतलब है कि मामले में नाम आने के बाद जब पत्रकारों ने भाजपा नेता सिन्हा से इसपर जवाब मांगा तो उन्होंने एक कागज पर लिखकर दिया कि उनका मौन व्रत चल रहा है. अगले सात दिन तक वह कुछ भी नहीं बोलेंगे. साथ ही मामले पर कोई भी जवाब देने से भी इनकार कर दिया था. यह वीडियो सभी समाचार चैनलों के साथ ही सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है.

सिन्हा ने पत्र में लिखा है कि विदेश में स्थित उनकी कंपनी सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (एसआईएस) किसी भी प्रकार के मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी आदि मामलों में शामिल नहीं है. उन्होंने अपने पत्र में कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
राज्यसभा हलफनामे में नहीं किया जिक्र

पैराडाइज पेपल लीक में हाल में खुलासा हुआ है कि टैक्स हैवन ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में स्थित उनकी कंपनी में उनकी पहली विदेशी कंपनी के 3,999,999 शेयर मौजूद हैं. हालांकि सिन्हा के पास इस कंपनी का महज एक शेयर ही है. उनपर आरोप है कि राज्यसभा सांसद के लिए भरे अपने हलफनामे में उन्होंने इस बात का जिक्र तक नहीं किया है. गौरतलब है कि एसआईएस में सिन्हा, उनकी पत्नी रीता सिन्हा और बेटा ऋतुराज किशोर सिन्हा बतौर डायरेक्टर नियुक्त हैं.

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