नई दिल्ली. पाकिस्तान के उच्च न्यायालय ने मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के एक एडिशनल जज और उनकी पत्नी को 10 साल की नौकरानी को प्रताड़ित करने के आरोप में एक साल की सजा सुनाई है. इस्लामाबाद हाई कोर्ट के जज आमेर फरूक ने राजा खुर्रम अली खान और उनकी पत्नी माहीन को बच्ची के साथ अत्याचार के मामले में 1 साल की सजा के अलावा 50,000 रुपये के जुर्माना लगाया है.  

नौकरानी तय्यैबा साल 2016 में राजा खुर्रम अली खान के घर से तब छुड़ाई गई जब उसके पड़ोसियों ने उसकी फोटो के साथ सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी. जज और उनकी पत्नी पर बच्ची के साथ मारपीट, प्रताड़ना और बुरा बर्ताव करने का आरोप है. मामले में सजा के अलावा आरोपी जज को सस्पेंड कर उन्हें ऑफिसर ऑन स्पेसल ड्यूटी बना दिया गया है.

शुरुआत में प्रताड़ित बच्ची के माता पिता ने आरोपियों को माफ करने का मन बना लिया था लेकिन पाकिस्तान के मुख्य न्यायधीश साकिब नासिर ने पिछले साल जनवरी में केस में हाई कोर्ट में सुओ मोटू नोटिस दे दिया था, जिसके बाद मामला दोबारा सामने आया. मामले में तैय्यबा के माता पिता समेत कुल 19 गवाह और 11 अभियोग ने अपना बयान दर्ज कराया है. बीते माह उच्च न्यायालय ने  दोनों पक्षों की बात सुनकर फैसला  सुरक्षित रखा था. गौरतलब है कि घरेलू नौकरों पर पहले भी विश्व के कई क्षेत्रों से कई मामले सामने आते रहे हैं. जहां नाबालिक बच्चों से काम कराने और उनके साथ मारपीट और अत्याचार किया गया.

बाइबल पढ़ाने वाली शादीशुदा टीचर पर छात्र के साथ संबंध बनाने का आरोप

उन्नाव रेप केस: राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर कसा तंज, कहा- महिलाओं पर अत्याचार के लिए भी उपवास रखेंगे क्या?

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App