नई दिल्ली: पद्मावत के विरोध की सबसे शर्मनाक तस्वीर दिल्ली से गुरुग्राम में देखने को मिली जहां छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को लेकर जा रही स्कूल बस पर फिल्म का विरोध कर रहे उपद्रवियों ने पत्थरबाजी की. पत्थरबाजी से छोटे-छोटे बच्चे इतना खबरा गए कि वो सीट छोड़कर जमीन पर बैठ गए और रोने लगे. बच्चों को रोता देख स्कूल बस में मौजूद मैडम उन्हें संभालती नजर आईं. इस घटना की वीड़ियो भी सामने आया है जिसे देखकर आपका सिर शर्म से झुक जाएगा.

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मामले पर एक के बाद एक तीन ट्वीट किए. पहले ट्वीट में उन्होंने कहा कि ‘शर्म आनी चाहिए. खुद को सेना बताने वाले इन गुंडों को भी जो राजपूत आन-बान-शान के नाम पर बच्चों को पत्थर मार रहे हैं, और उन सरकारों को भी को इन गुंडों से डरती हैं. राजपूत अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध हैं, इस तरह की कायरता के लिए नहीं.’ एक और ट्वीट में उन्होंने कहा ‘राजपूत के नाम पर कलंक हैं जो बच्चों पर हमले करते हैं’

 

तीसरे ट्वीट में मनीष सिसोदिया ने बीजेपी और करणी सेना पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘मैं भाजपा व कर्णी सेना से पूछना चाहता हूँ – आप इतने निर्मम और निर्दयी हैं कि मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा? आप कहते हो हम हिंदुओ, राजपूतों के लिए लड़ रहे हैं। पर इन बच्चों में भी कई हिंदू होंगे, शायद कुछ राजपूत भी हों।
आपने बच्चों पर हमला क्यों किया? आख़िर किसके लिए लड़ रहे हो?’

पद्मावत की रिलीज को लेकर जो कुछ भी हो रहा है उसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. आखिर बच्चों पर हमला करके राजपूत समाज की कौन सी शान बढ़ रही है. शुक्र है कि इस हमले में किसी बच्चे को कोई गंभीर चोट नहीं आई. लेकिन जरा सोचकर देखिए कि अगर किसी बच्चे को इस घटना में कुछ हो जाता तो करणी सेना या राजपूत समाज क्या किसी को मुंह दिखाने लायक रह जाती? क्या फिल्म के नाम पर आगजनी-तोड़फोड़, हिंसा इसकी एक सभ्य समाज में जगह हो सकती है?

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