नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से शिकायत करते हुए कहा कि जेल में उन्हें बैठने के लिए कुर्सी नहीं दी जा रही और ना ही सोने के लिए तकिया दिया जा रहा है जिसकी वजह से उन्हें बैकपेन शुरू हो गया है. आईएनएक्स मीडिया केस में पांच सितंबर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत को 3 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है. इस दौरान पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा जेल में चिदंबरम के पास कुर्सी नहीं है. ना ही उन्हें सोने के लिए तकिया दिया गया है जिसकी वजह से उन्हें बैकपेन शुरू हो गया है. कपिल सिब्बल ने कहा कि पी चिदंबरम के सेल के बाहर दो तीन कुर्सियां हैं जहां वार्डन बैठते हैं लेकिन जब वो कुर्सी पर बैठने लगते हैं तो वो कुर्सियां हटा दी जाती हैं.

पी चिदंबरम को लेकर एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली गई थी जिसमें कहा गया कि चिदंबरम के सेहत की रोजाना जांच की जाए, साथ ही साथ उन्हें अच्छा खाना दिया जाए क्योंकि उनका वजन गिर रहा है. याचिका में ये भी कहा गया कि चिदंबरम का एम्स में मेडिकल चेकअप कराया जाए. सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहतना ने इस याचिका पर कहा कि सेहत जरूर चिंता का विषय है. कानून में जो भी सुविधा देने की अनुमति होगी वो जेल प्रशासन जरूर दे रहा होगा. वहीं सिब्बल ने कोर्ट से अनुरोध किया कि पी चिदंबरम की उम्र और उनकी सेहत को देखते हुए उन्हें बैठने के लिए कुर्सी और सोने के लिए तकिया मुहैया करवाया जाए.

आईएनएक्स मीडिया केस में 5 सितंबर से जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर अपने बेटे की कंपनी को फायदा पहुंचाया. पूरा मामला 305 करोड़ रुपये की हेराफेरी का है. पी चिदंबरम 2004 से 2014 के बीच केंद्रीय गृह मंत्री और वित्त मंत्री रह चुके हैं. 21 अगस्त को सीबीआई ने उन्हें उनके जोर बाग स्थित घर से गिरफ्तार किया था.

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