Wednesday, February 1, 2023
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गुजरात में काम नहीं करेगा ओवैसी और केजरीवाल का जादू, कांग्रेस को मिल सकता है फायदा

गांधीनगर। गुजरात विधानसभा चुनाव के मतदान का आज दूसरा चरण चल रहा है, सभी की निगाहें उस मुस्लिम वोट बैंक पर हैं जो गुजरात की 42 सीटों पर अहम भूमिका निभाते हैं ओवैसी और केजरीवाल की मौजूदगी ने कांग्रेस के इस वोट बैंक पर सेंध लगा दी है, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार कांग्रेस के इस वोट बैंक पर कोई भी असर नहीं पड़ने वाला है जानिए कैसे?

क्या है मुस्लिम वोट का गणित?

गुजरात में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 10 प्रतिशत है साथ ही 6 करोड़ से ज्यादा मुस्लिम आबादी है हम आपको बता दें कि 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में लगभग 42 सीटों पर मुस्लिम मतदाता हार एवं जीत का फैसला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये सभी कांग्रेस के कोर वोटर हैं। इस बार ओवैसी ने 14 मुस्लिम उम्मीदवारों को उतारा है साथ ही केजरीवाल ने तीन मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है और कांग्रेस ने छह प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।
ओवैसी और केजरीवाल की मौजूदगी से ये आभास लगाया जा रहा था कि, कांग्रेस का कोर वोटर बंट जाएगा और भाजपा को एकतरफा जीत मिलेगी।

नहीं बंटेगा मुस्लिम वोट

गुजरात चुनावों में ओवैसी और केजरीवाल की मौजूदगी के बाद भी राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि, मुस्लिम वोट कांग्रेस के ही खाते हमें जाएगा। हम आपको बता दें की नगर निगम निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 120 में से 27 सीटें जीती थीं वहीं ओवैसी ने 40 सीटों में से 26 पर जीत दर्ज की। लेकिन इसके बाद एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता शमशाद पठान ने पार्टी को यह कहकर छोड़ दिया कि मजलिस की मौजूदगी सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का काम करेगी, इन्ही बातों को लेकर वह लगातार प्रचार कर रहे हैं कि, मुस्लिम मतदाता कांग्रेस को वोट करें।
वहीं केजरीवाल से भी मुस्लिम मतदाता नाराज़ है, क्योंकि बिलकीस बानों के दोषियों की रिहाई और खेड़ा में नवरात्रि के दौरान पुलिस द्वारा पिटाई के बाद केजरीवाल ने मुसलमानों को लेकर किसी भी प्रकार का बयान नहीं दिया इसको लेकर मुस्लिम समुदाय केजरीवाल से नाराज है इन्ही सब बातों के लेकर उम्मीद की जा रही है कि मुस्लिम वोटर कांग्रेस को ही वोट दे सकता है।

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