नई दिल्ली. राफेल डील को लेकर कांग्रेस लगातार ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की सरकार पर हमलावर है. हाल ही में जब संसद में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा ये मुद्दा उठाए जाने के बाद से अब कांग्रेस इसको लेकर देश के कोने-कोने में एक महीने तक आंदोलन करने की तैयारी में हैं. 25 अगस्त से 6 सितंबर तक देश के अलग अलग शहरों में पार्टी के नेता इसको लेकर प्रेस कांफ्रेस करेंगे.

वहीं 7 सितंबर से 15 सितंबर तक जिला स्तर पर इसके लिए आंदोलन किया जाएगा जिसमें जिलों के कलैक्टर के दफ्तर तक मार्च भी किया जाएगा. इस दौरान पोस्टर, होर्डिंग और प्लाकार्ड्स भी होंगे. कई जिलों में राफेल के एक मॉडल के साथ आंदोलन किया जा सकता है.  इसके लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी को जल्द ही मेमोरेंडम का ड्राफ्ट भेज दिया जाएगा. इसके बाद 16 सितंबर से 30 सितंबर तक राज्य स्तरीय आंदोलन किया जाएगा. जिसनें राज्यपाल के घर तक मार्च किया जाएगा. इस आंदोलन में राज्य स्तर के सभी कांग्रेसी नेता हिस्सा लेंगे.

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी इस आंदोलन का हिस्सा होंगे. 18 अगस्त को इस आंदोलन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में बैठक में इस आंदोलन पर चर्चा की गई थी. बता दें कि हाल ही में जब संसद में केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में राफेल डील को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला था.

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