नई दिल्ली. ज्यादातर सरकारी और प्राइवेट सेक्टर से जुड़े लोग पेंशन स्कीम में निवेश करना चाहते हैं, ताकि रिटायमेंट के बाद पैसों की दिक्कत न आए। ऐसे में उनके लिए सबसे बेहतर विकल्पों में से एक NPS स्कीम है। 

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें कोई अपर या लोअर लिमिट नहीं होती है। यानी निवेशक पर कोई दबाव नहीं रहता है किश्तों को लेकर। वहीं पति और पत्नी इसमें अलग-अलग इनवेस्टमेंट कर सकते हैं। अगर दोनों लोग अपना फैमिली बिजनेस चला रहा रहे हैं तो इसमें निवेश के जरिए अपना बुढ़ापा सुरक्षित कर सकते हैं। साथ ही इस स्कीम में निवेश करने पर दोनों लोग अलग-अलग टैक्स के लिए क्लेम कर सकते हैं। 

कंपनी और कर्मचारी दोनों को फायदा

कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए इस स्कीम में इनवेस्ट कर सकती है। इससे जहां एक तरफ कर्मचारी खुश रहेंगे, वहीं दूसरी तरफ कंपनी बिजनेस खर्च के तहत इस निवेश पर इनकम टैक्स के नियम सेक्शन 36 (1) (IVa) तहत क्लेम कर सकती है। 

सेल्फ इम्प्लाॅयड व्यक्ति अपने सालाना निवेश का 20 प्रतिशत टैक्स में छूट के लिए क्लेम कर सकेगा। वहीं, ऐसे कर्मचारी जो कि वेतनभोगी हैं अपने नियोक्ता के द्वारा इनवेस्टमेंट करने पर भी टैक्स में छूट ले सकता है। वहीं इस स्कीम में इनवेस्टमेंट का एक फायदा यह भी है कि अगर आप कंपनी बंद हो जाती है किसी वजह से तब आप व्यक्तिगत रुप में इसमें इनवेस्टमेंट करते रह सकते हैं। क्योंकि यह एक व्यक्तिगत निवेश माना जाता है।

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