नई दिल्ली: राफेल विवाद को लेकर दिनभर चले आरोप-प्रत्यारोपों के बीच देर शाम रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू दिया जिसमें उन्होंने राफेल पर द हिंदू की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि डिफेंस सेक्रेट्री का लेटर छापकर अखबार ने अपना दायित्व पूरा नहीं किया. उन्होंने आगे कहा कि क्या ये एक पत्रकार की जिम्मेदारी नहीं है कि खबर छापने से पहले उसके सभी पहलूओें की खोज करे या कम से कम यही कहे कि हमने मंत्रालय से इस मामले में जवाब लेने की कोशिश की. लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया, इसलिए वो इतनी ही खबर छाप रहे हैं. उन्होंने कहा कि द हिंदू ने आधा सच छापा. इंटरव्यू के दौरान रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और मामले में जानबूझकर विवाद फैलाने का आरोप लगाया है.

  1. राफेल डील में प्रधानमंत्री कार्यायल की भूमिका पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर पीएमओ किसी डील की प्रोग्रेस के बारे में जानना चाहता है कि उसमें अबतक क्या हुआ और क्या हो रहा है. क्या यही सबकुछ फ्रांस में नहीं हो रहा था? इसे डील में हस्तक्षेप करना बिलकुल नहीं कह सकते.
  2. रक्षा मंत्री ने कहा कि द हिंदू अपने पाठकों के दिमाग में शक पैदा कर रहे हैं. मुझे लगता है कि कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए जानबूझकर इस मामले में विवाद फैला रहे हैं.
  3. निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहती हूं कि यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली नेशनल एडवायजरी काउंसिल क्या थी, क्या यह संवैधानिक संस्था थी? वह संस्था प्रधानमंत्री कार्यालय को नियंत्रित करती थी.
  4. राफेल डील से जुड़े लेटर के लीक होने से जुड़े सवाल पर रक्षा मंत्री ने कहा कि मैं इससे चिंतित नहीं हैं, क्योंकि हमने मेरिट के आधार पर इस डील को अंजाम दिया है और सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है. हालांकि निर्मला सीतारमण ने ये भी कहा कि राफेल डील को लेकर फैलाए जा रहे झूठ से जरूर परेशान हो जाती हूं.

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