नई दिल्ली. कानूनी पैंतरे लगाकर अब तक मौत से बचते आ रहे निर्भया गैंगरेप के दोषियों की सभी याचिकाएं खारिज होने के बाद शुक्रवार सुबह सभी की फांसी तय है. दोषियों को सुबह 5.बजे ही सूली पर लटका दिया जाएगा. पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपियों की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें उनके वकील ने कई मामलों का हवाला देते हुए फांसी को टालने का अनुरोध किया था.

गुरुवार को दोषियों की दो अन्य याचिकाएं भी खारिज हुईं जिनमें दोषी पवन की क्यूरेटिव याचिका, दोषी मुकेश की याचिका शामिल हैं. वहीं शुक्रवार को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोषी अक्षय और पवन की दूसरी दया याचिका को भी सुनने से इनकार कर दिया.

दरअसल निर्भया के चारों दोषी फांसी से बंचने के लिए नए नए पेंतरे अपना रहे हैं. कुछ समय पहले दोषी पवन ने फांसी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी कि वह अपराध के समय नाबालिग था. इससे पहले हाईकोर्ट पवन की इस याचिका को खारिज कर दिया था जिसके बाद शुक्रवार 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया.

शुक्रवार को इसी तरह सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मुकेश की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया कि वह अपराध के दौरान दिल्ली में नहीं था. दूसरी ओर दोषियों की फांसी से एक दिन पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी दोषी अक्षय और पवन की ओर से भेजी गई दूसरी दया याचिका पर गौर करने से इनकार कर दिया.

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