नई दिल्ली. राजधानी में दिसंबर 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के चार दोषियों को जल्द फांसी होने का डर सताने लगा है. शुक्रवार को निर्भया कांड के चारों दोषियों की दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई. सूत्रों के मुताबिक कोर्ट में पेशी के बाद से ही चारों दोषी मुकेश, पवन, अक्षय और विनय बेहद “डिप्रेशन” में और परेशान हैं. चारों दोषी पहले की तुलना में अब बहुत कम खाना खा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक निर्भया कांड के दोषियों को समझ आ चुका है कि जल्द ही उनका डेथ वारंट जारी कर दिया जाएगा और फांसी पर लटका दिया जाएगा.

निर्भया गैंगरेप के दोषी पवन गुप्ता के पिता की तरफ से दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. वकील ए पी सिंह ने कोर्ट से समय मांगा है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी.

कोर्ट ने दोषी पवन गुप्ता के वकील से पूछा कि आप बताइए कि किस धारा या श्रेणी के तहत अपराध किया गया है, क्या वो संज्ञेय है या नहीं? इस पर वकील ए पी सिंह ने कोर्ट से समय मांग लिया. पवन के पिता ने याचिका में कहा है कि निर्भया के दोस्त की गवाही विश्वसनीय नहीं है क्योंकि उसने मीडिया में इंटरव्यू देने के लिए पैसे लिए थे.

निर्भया कांड के दोषी अक्षय कुमार की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 17 दिसंबर को सुनवाई-
निर्भया केस के चार दोषियों में से एक दोषी अक्षय कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. कोर्ट इस याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा. शीर्ष अदालत में फांसी की सजा के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करते हुए दोषी अक्षय की ओर से दिल्ली प्रदूषण और वेद पुराण का हवाला देते हुए मौत की सजा माफ करने की मांग की है.

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निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल-
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक और याचिका दाखिल की गई है. जिसमें मांग की है कि निर्भया के दोषियों की पुनर्विचार याचिका और क़ुरैटिव याचिका का निपटारा एक महीने के भीतर कर दिया जाए. साथ ही दोषियों को एक महीने के भीतर फांसी पर लटकाया जाए. निर्भया के दोषियो के फांसी का लाइव प्रसारण हो.

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