नई दिल्ली: निर्भया कांड के चारों दोषियों को 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा. चारों में से एक आरोपी मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तरफ से खारिज होने के बाद नया डेथ वारंट जारी हुआ है जिसमें फांसी की नई तारीख 1 फरवरी सुबह 6 बजे तय की गई है. गौरतलब है कि दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निर्भया कांड के आरोपियों की फांसी सियासी मुद्दा बनती जा रही है. गुरुवार को प्रकाश जावड़ेकर ने आरोप लगाया था कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की वजह से निर्भया के दोषियों की फांसी में देरी हो रही है. गुरुवार शाम निर्भया की मां ने भी एक टीवी चैनल पर कहा था कि उनकी बेटी के हत्यारों की फांसी सियासी मुद्दा बन रही है और वो लोग उनकी फांसी को रोक रहे हैं जो कभी उसके लिए हाथों में मोमबत्ती लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. निर्भया की मां ने ये भी कहा कि जिन्होंने उनकी बेटी की हत्या की उन हत्यारों को बचने के हजार विकल्प दिए जा रहे हैं लेकिन जिसके साथ ये घटना हुई उसके पास कोई अधिकार नहीं है.

इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से फांसी में कोई देरी नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने एक घंटे के अंदर फांसी के लिए जरूरी कागज पूरे कर दिए थे. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस मामले में कोई देरी नहीं की है. उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में दिल्ली सरकार का कोई खास रोल नहीं है.

दरअसल दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों के इतर निर्भया मामले पर भी राजनीति हो रही है. प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली सरकार पर निर्भया के दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट में कहा है कि कोर्ट के आदेशानुसार आरोपियों को 22 जनवरी को फांसी देना तय हुआ है लेकिन वो संभव नहीं है क्योंकि दोषियों ने अपने सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल नहीं किया है. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पिछले 2.5 सालों में आरोपियों को दया याचिका दायर करने का नोटिस क्यों नहीं दिया? इसके जवाब में मनीष सिसोदिया ने कहा कि तिहाड़ जेल जहां चारो दोषी कैद हैं वो केंद्र सरकार के अधीन आते हैं. ऐसे में वो बताएं कि 2.5 सालों में आरोपियों को दया याचिका दाखिल करने का विकल्प क्यों नहीं दिया गया.

कानून के मुताबिक दोषी जबतक अपने सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल नहीं कर लेता तबतक उसे फांसी पर नहीं चढ़ाया जा सकता है. राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के बाद ही दोषी को फांसी दी जा सकती है. चारों आरोपियों में से एक मुकेश सिंह की फांसी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद खारिज कर चुके हैं लेकिन बाकी के तीन दोषियों ने अभी तक दया याचिका दाखिल नहीं की है.

Nirbhaya Case Execution: निर्भया गैंगरेप केस के दोषियों की फांसी पर सस्पेंस, तिहाड़ जेल ने मांगा फांसी के लिए अतिरिक्त समय

Government Employees Penalty on Bharat Bandh: आज भारत बंद के दौरान हड़ताल पर जाने से केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों को होगा नुकसान, नरेंद्र मोदी सरकार काट सकती है सैलरी!

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App