Sunday, September 25, 2022

क्या है PFI, जिसके ठिकानों पर छापेमारी कर रही NIA

नई दिल्ली. इस समय देश भर में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA के छापे पड़ रहे हैं, बताया जा रहा है कि ये छापेमारी PFI यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े लोगों के ठिकानों पर की जा रही है. इस वक्त देश के 11 राज्यों में NIA छापेमारी कर रही है और अब तक PFI से जुड़े 106 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.

इतने लोगों की गिरफ्तारी

NIA ने अब तक इस मामले में अब तक कुल 106 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले में सबसे ज्यादा गिरफ्तारी केरल से हुई है, जहाँ 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, महाराष्ट्र और कर्नाटक से 20-20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इसी कड़ी में तमिलनाडु से 10, असम से 9, उत्तर प्रदेश से 8, आंध्र प्रदेश से 5, मध्य प्रदेश से 4, पुडुचेरी और दिल्ली से 3-3 और राजस्थान से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा NIA ने PFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओएमएस सलाम और दिल्ली अध्यक्ष परवेज अहमद को भी गिरफ्तार किया है.

अधिकारियों ने बताया है कि टेरर फंडिंग, ट्रेनिंग कैम्प और संगठन में शामिल करने के लिए लोगों को उकसाने वाले लोगों के ठिकानों पर NIA ने छापेमारी की है.

क्या है PFI ?

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया 22 नवंबर 2006 को तीन मुस्लिम संगठनों के मिलन से बना था, जिसमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिता नीति पसरई शामिल है, जबकि PFI खुद को गैर-लाभकारी संगठन बताता है.
फ़िलहाल, PFI में कुल कितने सदस्य हैं, इसकी जानकारी संगठन नहीं देता है. हालांकि, दावा किया जाता है कि 20 राज्यों में उसकी यूनिट है. शुरुआत में PFI का हेडक्वार्टर केरल के कोझिकोड में स्थित था, लेकिन बाद में इसे दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया.

PFI की अपनी ही यूनिफॉर्म भी है और इसके अपने नियम, कायदे-कानून हैं. हर साल 15 अगस्त को PFI फ्रीडम परेड का आयोजन करता है, लेकिन साल 2013 में केरल सरकार ने इस परेड पर रोक लगा दी थी. वो इसलिए क्योंकि PFI की यूनिफॉर्म में पुलिस की वर्दी की तरह ही सितारे और निशान बने होते हैं.

 

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