जम्मू कश्मीर. Jammu Kashmir जम्मू कश्मीर में सोमवार को श्रीनगर के हैदरपोरा में सेना और आतंकियों के बीच मुड़भेड़ की घटना सामने हुआ था. इस मुड़भेड़ में सेना ने 2 आतंकियों को मार गिराया था. इस मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिवार ने आज प्रेस कॉलोनी में विरोध प्रदर्शन किया और मारे गए व्यक्तियों के शवों की मांग की. आपको बता दें कल मुठभेड़ को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने नाराजगी ज़ाहिर की थी. उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि हैदरपोरा में 2 स्थानीय नागरिकों को आतंकी बताकर हत्या कर दी गई. सेना के पास मारे गए लोगों के लिए कोई सबूत नहीं है, लेकिन उन्होंने फिर भी उन्हें आतंकियों का ग्राउंड वर्कर करार दिया गया.

अंतिम संस्कार के लिए लौटाया जाना चाहिये था शव
पुलिस ने बताया कि मारे गए लोगों में 2 आतंकी थे, ये दोनों आतंकी गतिविधि में संलिप्त थे. इस मुठभेड़ में 2 स्थानीय लोगो की भी मौत हुई है. परिजनों के मुताबिक वो दोनों निर्दोष थे, जिन्हे पुलिस ने जबरन आतंकी करार दिया था. परिजनों ने पुलिस से दोनों लोगो के शवो की मांग की. आपको बता दें कि दोनों स्थानीय लोगो के शवो को सेना ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा कब्रिस्तान में दफना दिया है, जो जगह आधिकारिक तौर पर आतंकियों को दफ़नाने के लिए है.परिजन ने कहा की “पुलिस ने स्वीकार किया है कि अल्ताफ एक नागरिक था, हमें आश्चर्य है कि उसका शव हमें अंतिम संस्कार के लिए क्यों नहीं लौटाया गया? अगर शव वापस नहीं दिया गया तो हम अपना विरोध जारी रखेंगे. इस विरोध प्रदर्शन में मारे गए स्थनीय नागरिक की पत्नी भी शामिल थी, जिसने बताया की उसका पति निर्दोष था और वह आतंकी नहीं था.

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