नई दिल्ली. Farmers Law Withdrawn प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुरु पर्व के मौके पर तीनो कृषि कानूनों को रद्द करने का जो ऐलान जो ऐलान  किया था उसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई जिसमें फैसला किया गया कि जब तक उनकी 6 मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन वापस नहीं लेंगे बल्कि आंदोलन को तेज करेंगे. लखनऊ महापंचायत से लेकर संसद मार्च सब तय कार्यक्रम के मुताबिक होंगे. पीएम ने कृषि कानूनों को इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में रद्द करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की बात कही थी. 

27 नवंबर को अगली बैठक

आज हुई बैठक में एसकेएम के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम यथावत जारी रहेंगे- 22 को लखनऊ में किसान पंचायत, 26 को सभी सीमाओं पर सभा और 29 को संसद तक मार्च का फैसला किया गया है. किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि हम पीएम को ओपन लेटर लिखेंगे। इसमें लंबित मांगों का उल्लेख किया जाएगा, जैसे- MSP समिति, उसके अधिकार, उसकी समय सीमा, उसके कर्तव्य; विद्युत विधेयक 2020, मामलों की वापसी। उन्होंने बताया कि लखमीपुर खीरी पर मंत्री (अजय मिश्रा टेनी) को बर्खास्त करने के लिए भी लिखेंगे।इससे पहले शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेताओं की 9 सदस्यीय कमिटी और पंजाब के 32 किसान संगठनों की बैठक हुई.

किसानों की 6 मुख्य मांगे-

एमएसपी पर क़ानून
बिजली पर अध्यादेश की वापसी
पराली के मुक़दमों की वापसी
किसान आंदोलन के मुक़दमों की वापसी
आंदोलन में शहीद किसानों के परिवारों को मुआवज़ा.
गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र की बर्खास्तगी

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