नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने 2011-12 के अपने टैक्स निर्धारण की फाइल को दोबारा खोले जाने के फैसले को चुनौती दी थी. जस्टिस एस रविंद्र भट्ट और जस्टिस ए के चावला की पीठ ने राहुल और सोनिया गांधी के अलावा ऑस्कर फर्नांडिस की याचिका को भी खारिज कर दिया.

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आपके पास दो रास्ते हैं. या तो आप आयकर विभाग के सामने पेश हों और उनके सामने अपनी दलीले रखें या फिर आप सुप्रीम कोर्ट का रुख करें और हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दें.

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि भारत बंद सिर्फ देश का ध्यान नेशनल हेराल्ड की खबर से जनता का ध्यान खींचा जा सके.

दरअसल ये मामला साल 2011-12 में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडिस द्वारा फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़ा है. 2018 में आयकर विभाग ने इस रिटर्न की फाइल की दोबारा जांच करने का नोटिस दिया था. आयकर विभाग का कहना है कि तीनों ने नेशनल हेराल्ड के नवजीवन ट्रस्ट के हाथों टेकओवर किए जाने का जिक्र अपने रिटर्न में नहीं किया है. आयकर विभाग का सवाल है कि नेशनल हेराल्ड के टेकओवर से मिले पैसों का क्या हुआ?

नेशनल हेराल्ड-यंग इंडिया केस: इनकम टैक्स जांच मामले में राहुल गांधी को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

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