नई दिल्ली. देश के इनकम टैक्स कानून में बहुत जल्द बदलाव देखने को मिल सकता है. इसके साथ ही आपके टैक्स स्लैब में भी बदलाव की सिफारिश टैक्स टास्क फोर्स ने अपने सुझावों में कर दी है. नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा गठति टैक्स टास्क फोर्स ने पांच से 10 लाख सालाना कमाने वाले लोगों पर 10 फीसदी टैक्स, 10 से 20 लाख सालाना कमाने वालों को 20 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ सकता है. सूत्रों के मुताबिक सरकार नया टैक्स स्लैब पांच ब्रैकेट्स में रख सकती है. ये ब्रैकेट्स 5, 10, 20, 30 और 35 पर्सेंट हो सकते हैं. 35 फीसदी का टैक्स देश के सुपररिच वर्ग पर लगेगा जो सालाना 2 करोड़ से ज्यादा कमाते हैं.

बता दें कि जिनकी सालाना आय पांच लाख तक है उन्हें टैक्स से छूट मिलती रहेगी जैसा 2019 के अंतरिम बजट में वित्त मंत्री पियूष गोयल ने घोषणा की थी. सरकार द्वारा गठित टैक्स टास्क बोर्ड अखिलेश रंजन की अध्यक्षता में बनाई है. इस टास्क फोर्स ने 19 अगस्त को ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है लेकिन इसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है. अभी इस पर तस्वीर साफ नहीं है कि सरकार अगर इन सुझावों को मानती है तो वह इन्हें लागू कब तक करेगी.

डीडीटी और MAT को हटाने की सिफारिश
टास्क फोर्स ने डिविडेंट डिस्ट्रूब्यूशन टैक्स (डीडीटी) को पूरी तरह से हटाने की सिफारिश की है. अभी जब कंपनियां डिविडेंट देती हैं तो उस पर 15 फीसदी डीडीटी लगता है. DDT के ऊपर 12 फीसदी सरचार्ज और 3 फीसदी एजुकेशन सेस लगता है. इस तरह डीडीटी की दर 20.35 फीसदी हो जाती है. टास्क फोर्स ने कंपनियों के बुक प्रॉफिट पर लगने वाले MAT (Minimum Alternate Tax) को भी पूरी तरह से हटाने की सिफारिश की है. अभी कंपनी के बुक प्रॉफिट पर 18.5 MAT (मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स) लगता है.

टैक्स मामलों के लिए अलग यूनिट
टास्क फोर्स ने इनकम टैक्स के कानूनी झगड़े हटाने पर जोर दिया है. इसके लिए फोर्स ने लिटिगेशन मैनेजमेंट यूनिट बनाने का प्रस्ताव दिया है. यह यूनिट तय करेगी कि कौन से केस अपील किए जाएंगे और कौन से नहीं. कौन सा केस कोर्ट/ट्रिब्यूनल के पास जाएगा. यह यूनिट केस लड़ने की पूरी कानून प्रक्रिया पर नजर रखेगा और रणनीति बनाएगा.

फेसलेस स्क्रूटनी पर जोर
कॉरपोरेट जगत को टैक्स अधिकारियों के उत्पीड़न का शिकार न होना पड़े इसके लिए टास्क फोर्स ने फेसलेस स्क्रूटनी पर जोर दिया है. टास्क फोर्स ने कहा है कि असेसिंग ऑफिसर की जगह असेसमेंट यूनिट बनाई जाए. स्क्रूटनी के केसों का चयन लॉटरी सिस्टम से किया जाए और केंद्रीय स्तर पर इस सिस्टम को दुरुस्त किया जाए.

Nirmala Sitharaman Budget 2019 Income Tax: निर्मला सीतारमण के बजट में 2 करोड़ से कम कमाई पर आयकर दर में बदलाव नहीं, सस्ते घर और इलेक्ट्रिक वाहनों के लोन में ब्याज पर 1.5 लाख अतिरिक्त छूट

Budget 2019 Income Tax Slab Expectations: नौकरीपेशा लोगों को बजट से काफी उम्मीदें, तीन लाख रुपये हो सकती है इनकम टैक्स छूट की सीमा

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App