नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच लॉकडाउन से देश तो थम साथ ही अर्थव्यस्था भी दौड़ते-दौड़ते पटरी पर रुक गई. भविष्य के ऐसे संकटों से बचने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए केंद्रीय कर्मचारियों के डियरनेस अलाउंस (डीए) पर रोक लगा दी. यह रोक 1 जनवरी 2020 से जुलाई 2021 तक रहेगी.

केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारी को हर माह सैलरी के साथ मिलने वाले डियनेस भत्ते का लाभ नहीं मिलेगा. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने पेंशनर्स को मिलने वाले डियरनेस रिलीफ पर रोक लगाई है.

वित्त मंत्रालय के सूत्रों का दावा है कि ऐसा करने से सरकार 37 हजार करोड़ रुपए की बड़ी रकम बचा सकती है जिसका कोरोना वायरस महामारी जैसी गंभीर आपदा में जरूरतमंद लोगों को फायदा पहुंचेगा.

डीए और डीआर के साथ वित्त मंत्रालय ने लॉकडाउन के दौरान दी जाने वाली प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत दी जाने वाली राशि को लेकर बताया. वित्त मंत्रालय ने कहा कि पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत 33 करोड़ से ज्यादा गरीब लोगों की 31, 235 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता करती दी गई है. 20.05 करोड़ महिला जन धन खाताधारकों के बीच 10,025 करोड़ रुपए बांटे गए हैं.

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