आगरा: ताजमहल में मंगलवार को नमाज पढ़ने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बजरंग दल ने धमकी दी है कि अगर शुक्रवार के अलावा किसी और दिन ताजमहल मस्जिद में नमाज पढ़ने की कोशिश की गई तो वो वहां पूजा-पाठ शुरु कर देंगे. दरअसल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक ताजमहल परिसर स्थित मस्जिद में सिर्फ जुमे के दिन दोपहर की नमाज पढ़ी जा सकती है लेकिन मंगलवार को भारतीय पुरात्तव विभाग के अधिकारी के मना करने के बावजूद मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की और उसका वीडियो भी वायरल कर दिया जिसके बाद से मामला भड़क उठा.

बजरंग दल के नेता गोविंद पाराशर ने इसे भड़काने वाली हरकत बताते हुए कहा कि तेजोमहालय में आरती करने को लेकर उन्हें सात साल की जेल की सजा सुनाई गई थी लेकिन नमाज पढ़ने वालों पर कोई एक्शन नहीं हुआ. अगर ऐसी ही बात है तो हम फिर से तेजोमहालय में पूजा पाठ करेंगे क्योंकि तेजोमहालय पहले शिव मंदिर था जिसे गिराकर मुगलों ने ताजमहल बनाया.

वहीं मस्जिद ताज महल इंतजामिया कमेटी के चेयरमैन इब्राहिम जैदी ने कहा कि मस्जिद में जुमे की नमाज तभी अदा हो सकती है जब बाकी दिनों में भी पांच वक्त की नमाज वहां होती हो. उन्होंने आगे कहा कि ताजमहल में 400 सालों से नमाज अदा हो ही है जबकि ताजमहल पर सरकारी अधिग्रहण 1958 के बाद से हुआ.

इस मामले पर एएसआई के अधिकारियों ने ताजमहल के दोनों गेटों पर गैजेट नोटिफिकेशन लगा दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक सिर्फ और सिर्फ शुक्रवार को नमाज अदा की जा सकती है और उसके लिए भी दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक ही गेट खोला जाएगा.

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