नई दिल्ली. नागालैंड में सुरक्षा बलों की की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत की घटना से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ हैं. इस घटना में एक जवान की मौत हुई थी और कई जवान इसमें घायल हुए हैं. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और राजधानी कोहिमा में बंद का ऐलान किया हैं. सीएम नेफ्यू रियो आज मोन ज़िले के ओटिंग में गोलीबारी में मारे गए नागरिकों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे है और इस घटना में प्रभावित लोगों को सहायता राशि दी हैं. सतह ही उन्होंने कहा कि नागालैंड से AFSPA कानून को हटाया जाए क्योंकि इस कानून ने हमारे देश की छवि धूमिल कर दी है.

क्या हैं AFSPA कानून

AFSPA कानून के तहत केंद्र सरकार राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर किसी राज्य या क्षेत्र को अशांत घोषित कर वहां केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करती है. AFSPA के तहत सशस्त्र बलों को कहीं भी अभियान चलाने और बिना पूर्व वारंट के किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार प्राप्त है.

सेना ने कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी का दिया आदेश

इस घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने सेना के वाहनों को घेर लिया और जवानो के साथ हाथापाई करने लगे. गुस्साई भीड़ ने सेना के तीन वाहनों को आग के हवाले कर कर दिया। इस हाथापाई में 1 जवान भी शहीद हुआ है. इस घटना पर सेना ने कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी के आदेश दिए है. नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने घटना की उच्च स्तरीय जांच का वादा किया और समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने की अपील की.

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