नई दिल्ली/लखनऊ. अयोध्या राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब मुस्लिम पक्ष पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा. सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में शनिवार को मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी और राम जन्मभूमि मामले में कुछ मुस्लिम पक्षकारों के साथ हुई बैठक में यह तय किया गया है. रविवार को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के बाद इसका औपचारिक ऐलान हो जाएगा. हालांकि इस बैठक में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने हिस्सा नहीं लिया.

इकबाल अंसारी का कहना है कि वो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका नहीं दायर करेंगे. यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने भी ये साफ कर दिया कि वो पुनर्विचार याचिका नहीं दाखिल करेंगे. लेकिन इस मामले में एम आई सिद्दीकी सहित 3 अन्य पक्षकार भी हैं. जिसमें से कुछ ने पुनर्विचार याचिका दायर करने को लेकर सहमति दे दी है.

अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट में कुल 6 मुस्लिम पक्षकार हैं-
1 – मो सिद्दीकी
2 – मिसाबुद्दीन
3 – हासिम अंसारी
4 – सुन्नी वक्फ बोर्ड
5 – फारुख अहमद
6 – मौलाना महफूज रहमान

गौरतलब है कि बीते 9 नवंबर को ही सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में फैसला सुनाया था. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यों की संविधान पीठ ने विवादित भूमि को राम मंदिर निर्माण के पक्ष में देने का फैसला सुनाया.

वहीं मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या अलग से 5 एकड़ जमीन सरकार के द्वारा दिलाने की बात कही. कोर्ट ने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर 3 महीने के भीतर राम मंदिर निर्माण के लिए एक ट्रस्ट का गठन करे.

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