इस्लामाबाद/नई दिल्लीः 26/11 मुंबई हमले के आरोपी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी के भाई दानियाल गिलानी के भारत आने पर विवाद हुआ था. वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल का हिस्सा थे. विवाद बढ़ता देख उन्होंने मीडिया में सफाई देते हुए कहा कि वह एक ईमानदार सिविल अफसर हैं. किसी का नातेदार होना पाप नहीं है. वह सिर्फ अपने देश की सेवा कर रहे हैं.

इंडिया टुडे ग्रुप की खबर के अनुसार, दानियाल गिलानी ने भारत आने पर सफाई देते हुए कहा, मैं एक ईमानदार पाकिस्तानी सिविल सर्वेंट हूं. किसी का रिश्तेदार होना पाप नहीं है. मैं सिर्फ अपने देश की सेवा कर रहा हूं.’ दानियाल गिलानी के उस प्रतिनिधि मंडल के हिस्सा होने पर पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से जो जानकारी निकल सामने आ रही है उसके अनुसार, मंत्री के स्टाफ अफसर होने की वजह से वह उस मंडल का हिस्सा थे.

बताते चलें कि पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल में पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार के कानून व सूचना प्रसारण मंत्री सैयद अली जफर, डीजी साउथ एशिया डॉ. मोहम्मद फैजल, डॉ. फरेहा बुगती और दानियाल गिलानी शामिल थे. किसी भी पाकिस्तानी अधिकारी को स्मृति स्थल (जिस जगह अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार किया गया) जाने की इजाजत नहीं दी गई थी. दानियाल गिलानी भी वहां नहीं गए थे.

दानियाल गिलानी डेविड हेडली के सौतेले भाई हैं. दानियाल गिलानी के भारत आने पर विवाद बढ़ता देख सवाल उठने लगे कि आखिर किन नियमों के मुताबिक उन्हें वीजा दिया गया. दानियाल पाकिस्तान सूचना सेवा के अधिकारी होने के साथ-साथ पाकिस्तानी फिल्म सेंसर बोर्ड के चेयरमैन और मिनिस्टर्स ऑफिस के डायरेक्टर भी हैं.

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