भोपाल: मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के तमाम प्रबंधों के बावजूद कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है. यही नहीं राज्य के लिए एक और चिंता का विषय है और वो ये कि कोरोना संक्रमण को लेकर जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक एमपी में फेटेलिटी रेट यानी 100 मामलों में मरने वालों की संख्या देश में सबसे अधिक 7.6 फीसदी है. देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले यहां कोरोना से होने वाली मृत्यु दर तीन फीसदी से भी ज्यादा है. प्रदेश में अबतक 43 लोग कोरोना संक्रमण के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं. महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा सबसे ज्यादा है.

सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शिवराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान को ट्विटर पर पनौती कहा और तबसे ही ट्विटर पर शिवराज पनौती ट्रेंड कर रहा है. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपने टि्वटर हैंडल पर शिवराज सिंह चौहान को ‘पनौती’ बताते हुए ट्वीट किया है. ट्वीट में लिखा है, ‘कोरोना से मप्र में संक्रमण का औसत दो गुना, ठीक होने का औसत आधा और मरने का औसत तीन गुना है. किसकी नज़र लग गई मप्र को..? एमपी कांग्रेस के ट्वीट के बाद से ही सीएम शिवराज सिंह चौहान ट्रोल हो रहे हैं. खबर लिखे जाने तक सोशल मीडिया पर हैशटैग #Shivraj Panauti इंडिया में नंबर 6 ट्रेंड कर रहा है.

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते लगातार हो रही मौत पर एमपी के पू्र्व सीएम कमलनाथ ने सीएम शिवराज को आड़े हाथों लिया है. कमलनाथ ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि एमपी देश का इकलौता ऐसा राज्य है जहां ना तो स्वास्थ्य मंत्री है और ना ही गृहमंत्री है. कमलनाथ ने इस दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना को नियंत्रित करने की बजाय इस बात पर ध्यान दिया कि कैसे कमलनाथ सरकार को गिराया जाए. उन्होंने ये भी कहा कि लॉकडाउन लागू करने के लिए कमलनाथ सरकार के गिरने का इंतजार करती रही.

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