अहमदाबाद.साल 2015 के पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान बीजेपी विधायक ऋषिकेश पटेल के अॉफिस में तोड़फोड़ करने के लेकर विसनगर कोर्ट ने पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को दोषी ठहराया है. कोर्ट ने उन्हें दो साल कैद की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. हालांकि उन्हें जमानत मिल गई है. हार्दिक पटेल ने पाटीदारों को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन किया था, जिसके बाद मेहसाणा के विसनगर में दंगा फैल गया था. इस मामले में 17 लोगों को आरोपी ठहराया गया था. कोर्ट ने 14 लोगों को बरी करते हुए हार्दिक पटेल, लालजी पटेल समेत तीन लोगों को दोषी ठहराया है.

कोर्ट ने हार्दिक पटेल और लालजी पटेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 427 और 435 के तहत दोषी ठहराया है. गौरतलब है कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान मेहसाणा के विसनगर में हार्दिक पटेल व अन्य 16 के नेतृत्व में 500 लोगों की भीड़ ने बीजेपी विधायक के दफ्तार पर हमला बोल दिया था. कोर्ट ने आदेश में कहा कि हार्दिक और उनके साथियों को बीजेपी विधायक को एक लाख रुपये बतौर मुआवजा देना होगा.

बता दें कि सरकारी नौकरी और एजुकेशन में रिजर्वेशन को लेकर हार्दिक पटेल ने 25 अगस्त से राज्य में अनिश्चितकालीन अनशन का एेलान किया था. हार्दिक ने आमरण अनशन को आखिरी जंग बताते हुए कहा कि उनके समुदाय को आरक्षण मिले, ये उनकी पहली प्राथमिकता है.

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