नई दिल्ली. कुछ समय पहले फूड डिलीवरी सर्विस जोमाटो हलाल बनाम झटका मीट के विवाद में घिर गया था. एक बार फिर ये विवाद शुरू हो गया है. हालांकि इसमें अब जोमाटो नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय फूड चेन मैक डोनाल्ड्स फंस गया है. मैक डोनाल्ड्स भारत को ट्विटर पर यूजर्स द्वारा तिखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है. भारतीय रेस्त्रां में हलाल और झटका मीट बेचे जाने को लेकर लंबे समय से विवाद छिड़ा हुआ है. वहीं मैक डोनाल्ड्स ने हलाल मीट बेचने के लिए तो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त की है लेकिन झटका मीट के लिए नहीं.

दरअसल इस बारे में तब खुलासा हुआ जब एक ट्विटर यूजर ने मैक डोनाल्ड्स से इस बारे में सवाल किया. एक ट्विटर यूजर ने हाल ही में ट्वीट किया जिसमें मैक डोनाल्ड्स से सवाल किया कि क्या भारत में मैक डोनाल्ड्स हलाल स्टिफाइड है या नहीं? इसी के बाद ट्विटर पर सारा विवाद खड़ा हो गया.

मैकडॉनल्ड्स इंडिया ने इस प्रश्न का उत्तर दिया कि भारत में उनके सभी रेस्त्रां के पास हलाल प्रमाणपत्र है और वे जिस मांस का उपयोग करते हैं वह उच्चतम गुणवत्ता का है. मैकडॉनल्ड्स इंडिया ने ट्वीट किया, जो मांस हम अपने रेस्तरां में उपयोग करते हैं, वह उच्चतम गुणवत्ता का होता है और सरकार द्वारा अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं से प्रमाणित होता है जो एचएसीसीपी (हैजर्ड एनालिसिस क्रिटिकल कंट्रोल पॉइंट) प्रमाणित होते हैं.

उन्होंने साथ में कहा कि हमारे सभी रेस्त्रां के पास हलाल सर्टिफिकेट हैं. आप किसी भी रेस्त्रां के मैनेजर से अपनी संतुष्टि और पुष्टि के लिए ये सर्टिफिकेट मांग सकते हैं. जब मैक डोनाल्ड्स इंडिया ने ट्वीट का जवाब दिया जो एक विवाद खड़ो हो गया. सोशल मीडिया पर मैक डोनाल्ड्स द्वारा हलाल मीट बेचने और उसे प्रमाणित करने को लेकर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी. इसी के बाद ट्विटर पर हैशटैग #BoycottMcDonalds ट्रेंड करने लगा. लोगों ने मैकडोनाल्ड्स को गैर-मुस्लिम बहुसंख्यक देश में हलाल मीट बेचने के लिए लताड़ा शुरू कर दिया.

एक ट्विटर यूजर ने लिखा, भाड़ में जाओ, हम हिंदुओं के पास केवल झटका मीट है. दूसरों को भी शिक्षित करेंगे और आपकी श्रृंखला से कोई भी नॉन वेज फूड नहीं खाएंगे. यदि आप जोमाटो की तरह खत्म नहीं होना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि झटका मीट ही बेचा जाए वरना वित्तीय नुकसान के लिए तैयार रहो.

इस साल जुलाई में, जोमाटो के भोजन का कोई धर्म नहीं है ट्विट के बाद विवाद खड़ा हुआ था. जोमाटो को भी लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब लताड़ा था. उस समय जोमाटो ने एक ट्विटर उपयोगकर्ता को जवाब देते हुए कहा था कि भोजन का कोई धर्म नहीं है. इसके बाद लोगों ने सवाल किया था कि फिर क्यों जोमाटो अपने रेस्त्रां में हलाल टैग रखते हैं. इसके बाद उन्होंने भी हलाल-झटका बहस पर अपना बयान ट्वीट किया था.

मैक डोनाल्ड्स के विवाद में एक अन्य ट्विटर उपयोगकर्ता ने लिखा, आप प्रत्येक शहर में समझदार 0.1 प्रतिशत शांतिपूर्ण ग्राहकों के लिए अलग-अलग आउटलेट क्यों नहीं खोलते? आइए देखें कि क्या आप इसे एक दिन के लिए भी खुला रख सकते हैं. आप क्यों चाहते हैं कि आपके अधिकांश ग्राहक हलाल से पीड़ित हों?

#BoycottMcDonalds हैशटैग के तहत ट्विटर पर लोगों ने ये ट्वीट्ल किए हैं:

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