Thursday, August 11, 2022

कानपुर हिंसा पर मायावती का बयान: राज्य में शांति व्यवस्था के अभाव में निवेश और विकास कैसे संभव है ?

कानपुर। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को कानपुर में जुमे की नमाज के बाद शहर में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की मौजूदगी के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश को पुलिस और खुफिया तंत्र की नाकामी करार दिया। बसपा सुप्रीमो ने भी इस दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भड़काऊ भाषण आदि से बचने की अपील की है।

बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के यूपी दौरे के दौरान कानपुर में भड़के दंगे और हिंसा बेहद दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है साथ ही पुलिस की खुफिया तंत्र की नाकामी का भी संकेत है। सरकार को यह समझना होगा कि शांति व्यवस्था के अभाव में राज्य में निवेश और विकास कैसे संभव है।

मायावती ने कहा, ‘सरकार को धर्म, जाति व दलगत की राजनीति से ऊपर उठकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए और एक स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच करनी चाहिए, इसके साथ ही उन्होंने लोगों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भड़काऊ भाषण आदि से बचने की भी अपील की है।

अखिलेश यादव ने कही ये बात

बता दें कि इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हिंसा के लिए बीजेपी प्रवक्ता नुपुर शर्मा को जिम्मेदार ठहराते हुए गिरफ्तारी की मांग की थी। साथ ही पुलिस और खुफिया जानकारी पर भी सवाल उठाए थे।

क्या है पूरा मामला

बीजेपी प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर की गई विवादित टिप्पणी के बाद शुक्रवार दोपहर की नमाज के बाद नई सड़क पर प्रदर्शन के बाद जमकर बवाल हुआ। पथराव से कई वाहन तोड़े गए लेकिन बमबारी के साथ फायरिंग भी हुई। पथराव में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हंगामे की सूचना पर डीएम व संयुक्त पुलिस आयुक्त समेत भारी बल मौके पर पहुंचा और पैदल मार्च करते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। घटना के बाद सीएम योगी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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