नई दिल्ली: राजस्थान की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी सुप्रिमो मायावती कूद गई हैं जिसके बाद राजस्थान की सियासत पूरी तरह बदल गई है. दरअसल मायावती ने कहा कि राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी ने कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन दिया था, लेकिन दुर्भाग्य से सीएम अशोक गहलोत ने बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए उनके सभी विधायकों का अपनी पार्टी में विलय करा दिया जिसके खिलाफ पार्टी को पिछले साल पार्टी के 6 विधायकों के खिलाफ कोर्ट का जाना पड़ा था.

मायावती ने उनके विधायकों को कांग्रेस में शामिल किए जाने को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि बीएसपी पहले भी कोर्ट जा सकती थी, लेकिन हम उस समय का इंतजार कर रहे थे, जब अशोक गहलोत और कांग्रेस को सबक सिखाया जा सके. मायावती ने कहा कि हमने अब बागी विधायकों के खिलाफ कोर्ट जाने का फैसला किया है. मायावती ने कहा कि हम इस मुद्दे को जाने नहीं देंगे और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे.

गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस के 99 और बीएसपी के 6 विधायक चुनाव जीतकर आए थे. सीएम अशोक गहलोत निर्दलीय और छोटी पार्टियों के विधायकों की मदद से बहुमत के लिए जरूरी 101 से ज्यादा विधायकों का समर्थन हासिल करने में सफर रहे थे. लेकिन बाद में उन्होंने सरकार की स्थिति मजबूत करने के लिए बीएसपी के सभी छह विधायकों का कांग्रेस में विलय करा दिया था जिससे उनकी पार्टी के कुल विधायकों की संख्या 105 हो गई थी.

दूसरी तरफ सचिन पायलट और 18 अन्य विधायकों के बागी तेवर अपनाने के बाद बीजेपी विधायक और बीएसपी ने उन छह विधायकों के विलय को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती दी है. हालांकि कोर्ट ने दोनों की याचिका पहली सुनवाई में ही खारिज कर दी लेकिन बीएसपी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ले जाने की बात कह रही है.

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