नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले का आरोपी पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद सरगना मौलाना मसूद अजहर की मौत हो गई है. पाकिस्तान की लोकल मीडिया के हवाले से यह खबर चलाई जा रही है. साल 1994 में श्रीनगर से गिरफ्तार होने के बाद साल 1999 में कंधार विमान कांड में छूटने के बाद से लगातार भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश करता रहा है. जानिए कब कब मसूद अजहर की दहशतगर्दी से दहला भारत.

साल 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान कंधान विमान अपहरण कर आतंकियों ने सरकार से मसूद अजहर को छोड़ने की शर्त रखी थी. विमान में सवार लोगों की जान की फिक्र करते हुए सरकार ने मसूद अजहर को रिहा कर दिया था. जिसके बाद साल 2001 में राजधानी दिल्ली में संसद परिसर में आतंकी हमला हुआ जिसकी जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश ने ली. इसके बाद साल 2001 में ही जम्मू कश्मीर की विधानसभा पर आतंकी हमला हुआ जिसमें मसूद अदहर का हाथ था.

साल 2016 में पठानकोट एयरबेस पर सो रहे सैनिकों पर आतंकी हमला किया गया. इस हमले में कई सैनिक शहीद हो गए. इसकी जिम्मेदारी भी मौलाना मसूद अजहर ने ली. साल 2001 से साल 2016 के बीच तक कई छोटे-मोटे हमलों में मसूद अजहर शामिल रहा. 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआऱपीएफ के काफिले में आतंकी हमला हुआ जिसमें 40 जवान शहीद हो गए. इस हमले की जिम्मेदारी भी मौलाना मसूद अजहर ने अपने सिर ली. हालांकि इस बार भारत ने एयर स्ट्राइक कर मसूद अजहर के कई आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया जिसमें उसके दो भाई और साला मारा गया.

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