नई दिल्ली. Manyavar Kanshi Ram BSP Top 10 Speech Videos: आज बहुजन नेता मान्यवर कांशीराम का 13वीं पुण्यतिथि है. मान्यवर कांशीराम का जन्म 15 मार्च 1934 पंजाब के रोपड़ जिला में हुआ था और मृत्यु 9 अक्टूबर 2006 को हुई थी. इनको बहुजनों का नायक भी कहा जाता है. इन्होंने बहुजन और पिछड़ा वर्ग के लोगों को अपने हक के लिए लड़ने के लिए एकजुट किया. बाद के दिनों में DS-4 का गठन किया. DS-4 का मतलब है दलित शोषित समाज संघर्ष समीति. कांशीराम ने 1971 में ऑल इंडिया बैकवर्ड एंड माइनोरिटी कम्यूनिटी एम्पलॉयी फेडरेशन ( BAMCEF) गठन किया था. उन्होंने 1984 में राजनीतिक पार्टी बहुजन समाज पार्टी (BSP) का गठन किया. उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रही मायावती को बहुजन सामज पार्टी में लाने वालें कांशीराम ही थे.

मान्यवर कांशीराम जी का जन्म 15 मार्च 1934 को रोपड़ जिला ब्रिटिश पंजाब में हुआ था. जन्म स्थान को लेकर विवाद है. सूत्रों से ज्ञात है कि इनका जन्म पृथीपुर बंगा गांव में हुई थी जबकि इनके जानने वालें बतातें हैं. मान्यवर कांशीराम का जन्म खवासपुर गांव में हुआं था. रामदसिया सिख परिवार में पैदा हुए थे. जिसको अछूत जाती कहा जाता था. कांशीराम जी की शुरूआती शिक्षा स्थानीय विधालय में हुई फिर उसके बाद इन्होंने BSc की डिग्री गवर्नमेंट कॉलेज रोपड़ से लिया था.

कांशीराम ने डिग्री लेने का बाद पुणे में सरकारी नौकरी की. सबसे पहले जातिय भेदभाव का सामना कांशीराम ने पुणे में सरकारी नौकरी करते हुए किया. उन्होनें देखा कि एक दलित कर्मचारी जो बी.आर.अम्बेडकर का जन्म दिवस मनाना चाहता था उसके साथ लोगों ने भेदभाव करना शुरू कर दिया. फिर उसके बाद मान्यवर कांशीराम ने आरपीआई पार्टी को सपोर्ट करने लगे. उन्होंने देखा कि आरपीआई कांग्रेस के साथ दे रही है. मान्यवर कांशीराम ये देखने के बाद अपने आप को आरपीआइ पार्टी से अलग कर लिया.

1971 में बामसेफ का गठन किया और बहुजन, पिछड़ा और अलपसंख्यकों की हक की लड़ाई लड़ने लगे. पिछड़े, दलितों और आदिवासियों को राजनीति में एक अहम स्थान दिलाने वाले कांशीराम डॉ. भीमराव आंबेडकर के बाद दलितों के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं. उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर दलितों के उत्थान का फैसला किया था. 1981 में उन्होंने दलित शोषित समाज संघर्ष समिति या डीएस4 की स्थापना की. मान्यवर कांशीराम ने 1984 में बहुजन समाज पार्टी का गठन किया.

आइए सुनते हैं मान्यवर कांशीराम के दी हुई 10 दमदार भाषण-

Also Read ये भी पढ़ें-

 कांशीराम ने दलितों को सत्ता की चाबी दी, क्या बीएसपी संस्थापक की उत्तराधिकारी मायावती ने उनके मिशन के साथ इंसाफ किया है?

बसपा के संस्थापक कांशीराम कैसे बने दलितों के मसीहा? इन 10 पॉइंट्स में समझें

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App